पाकिस्तान की अलग-अलग जेलों में इस समय 324 भारतीय बंद हैं। इनमें से 270 मछुआरे और 54 सिविल कैदी हैं। दोनों देशों के बीच 2008 में एक समझौता हुआ था, जिसके तहत पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय दूतावास को इन भारतीय कैदियों की एक सूची भेजी है। दोनों देश एक दूसरे को 1 जनवरी और 1 जुलाई को दो बार एक दूसरे की हिरासत में कैदियों की सूची का आदान-प्रदान करने को बाध्य हैं।
जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने भी पाकिस्तान को अलग-अलग जेलों में बंद 362 पाकिस्तानी कैदियों की सूची दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास को भेजी है। इस सूची के अनुसार पाकिस्तान के 265 सिविल कैदी और 97 मछुआरे भारतीय जेलों में सजा काट रहे हैं।
सूचियों के आदान-प्रदान के बाद पाकिस्तान ने केंद्र सरकार से सजा पूरी कर चुके 15 सिविल कैदियों और 47 मछुआरों को रिहा करने की मांग की है। पाकिस्तान ने इन कैदियों के बारे में पाकिस्तानी नागरिकता की पुष्टि के बारे में भारत सरकार को जानकारी दे दी है।
इसके साथ ही पाकिस्तान ने भारतीय जेलों में सजा काट रहे पाकिस्तानी मछुआरों व 77 नागरिकों को कानूनी सहायता देने की मांग की है। दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के कारण इस वर्ष अटारी-वाघा सीमा से कैदियों की वतन वापसी नहीं हो सकी है।