जिन पांच जिलों में लिंगानुपात कम है, उनमें खास निगरानी रखने के निर्देश
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ (बी3पी) कार्यक्रम के तहत बुलाई बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा ने बताया कि वर्तमान समय में हरियाणा में जन्म के समय लिंगानुपात (एसआरबी) 916 है। यह कार्यक्रम शुरू होने के बाद राज्य में 52,000 से अधिक लड़कियों को बचाया गया। बैठक में पांच जिले जिनमें एसआरबी 900 से नीचे हैं, उनमें खास निगरानी शुरू करने का फैसला लिया है। इनमें रोहतक (883), नारनौल (887), सोनीपत (894), चरखी दादरी (897) और रेवाड़ी (897) जिला शामिल है। जी अनुपमा ने कहा कि बी3पी कार्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए डब्ल्यूसीडी, एनएचएम और शिक्षा विभाग मिलकर काम करेंगे। नियमित आधार पर निगरानी करेंगे। अवैध एमटीपी/एमटीपी किटों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी एमटीपी केंद्रों का ऑडिट किया जाएगा। इस संबंध में सभी जिलों के साथ नियमित बैठक की जाएगी। इस अवसर पर महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. आर.एस.पूनिया, डॉ. उषा गुप्ता, सलाहकार बी3पी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक डॉ. कुलदीप कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक मोनिका मलिक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।