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पंचायती चुनावः पंजाब में 5000 आंगनबाड़ी वर्कर भरेंगी नामांकन, आयोग की बढ़ी मुश्किलें

Sat, 01 Sep 2018 09:33 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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election commission
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पंजाब में पांच हजार आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर ने सूबे में होने वाले पंचायती चुनावों में हिस्सा लेने का फैसला किया है। इस संबंध में आल पंजाब आंगनबाड़ी इंपलाइज यूनियन के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात की। यूनियन ने उनसे आग्रह किया है कि आंगनबाड़ी वर्करों को चुनाव प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारी नियुक्त न किया जाए क्योंकि आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर पंचायती चुनाव में खुद हिस्सा लेने की तैयारी कर रही हैं।

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उल्लेखनीय है कि पंजाब में आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्पर सरकार की स्थायी कर्मचारी नहीं हैं और राज्य सरकार भी उन्हें वालंटियर ही मानती है। इसके चलते आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों के चुनाव लड़ने में कोई प्रशासन संबंधी तकनीकी अड़चन भी नहीं है। पहले आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को चुनाव ड्यूटी में नहीं लगाया जाता था।

लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने आंगनबाड़ी वर्करों को चुनावी ड्यूटी से अलग कर दिया था। लेकिन अब भारतीय चुनाव आयोग ने इन्हें बूथ लेवल अधिकारी के रूप में चुनाव प्रक्रिया में शामिल करने का फैसला लिया है। दरअसल बूथ लेवल अधिकारी का काम नए वोट बनाना और मौजूदा वोटरों की घर-घर पहचान करना भी है।
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राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात के दौरान आंगनबाड़ी इंपलाइज यूनियन की प्रधान हरगोबिंद कौर व अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर पहले भी चुनावों में हिस्सा लेती रही हैं। सूबे में पिछले चुनाव के दौरान प्रत्येक ब्लाक से औसतन 9 आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्परों ने सरपंच, पंच और पंचायत समिति चुनाव लड़े और जीते थे। वर्ष 2012 में पंजाब विधानसभा चुनाव में आंगनबाड़ी वर्कर राजविंदर कौर भगिके कांग्रेस के टिकट पर निहाल सिंह वाला विधानसभा हलके में विजयी रही थीं। 

उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा पंचायती चुनावों में बीते कई चुनावों से हिस्सा लिया जाता रहा है और अनेक आंगनबाड़ी वर्करों ने चुनाव में जीत भी हासिल की है। पंचायती चुनाव में महिला प्रत्याशियों को 50 फीसदी आरक्षण की सुविधा के अलावा आंगनबाड़ी वर्करों को स्थानीय वोटरों का भी समर्थन मिलता है क्योंकि वे अपने कार्य के चलते घर-घर का दौरा करती हैं। इससे इलाके के लोगों के बीच एक जाने-पहचाने चेहरे के रूप में पहचान बना लेती हैं।

सीईओ ने भरोसा दिलाया है कि किसी को जबरन चुनाव ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा। हमारी 5000 से ज्यादा वर्कर इस बार चुनाव में हिस्सा लेंगी। कुछ आंगनबाड़ी वर्करों ने चुनाव ड्यूटी करने का भी मन बनाया है, वह ड्यूटी कर सकती हैं। जो वर्कर चुनाव लड़ना चाहती हैं, उन्हें ध्यान में रखते हुए सीईओ से आग्रह किया गया है।
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- हरगोबिंद कौर, प्रधान, आल पंजाब आंगनबाड़ी इंपलाइज यूनियन

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