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Chandigarh News: यूआईटी के 500 युवा इंजीनियरों को मिला मेहनत का फल, खुशी से झूमे

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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) की ओर से शनिवार को बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग और मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए लॉ ऑडिटोरियम में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में बीई और एमई के कुल 500 विद्यार्थियों को डिग्रियां भेंट की गईं। इसमें जैव प्रौद्योगिकी, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, मैकेनिकल और सामग्री विज्ञान संकाय के विद्यार्थी शामिल रहे।समारोह के दौरान अकादमिक और अन्य क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 37 युवाओं को मेडल देकर सम्मानित किया गया। समारोह में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) के 400 और मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग (एमई) के 100 प्रतिभागियों को डिग्री प्रदान की गई। यूआईईटी निदेशक प्रो. जेके गोस्वामी ने छात्रों को संबोधित किया कि कोविड-19 के बाद में बाजार में टैक्नोलॉजी में क्रांति आई है इसलिए खुद के कौशल में सुधार करते रहें और हर समय बदल रही टेक्नोलॉजी को लेकर खुद को अपडेट करते रहें। बाजार के अनुसार खुद को तैयार करें। कार्यक्रम के दौरान रजिस्ट्रार प्रो. वाईपी वर्मा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. जगत भूषण व यूआईईटी का स्टाफ उपस्थित रहा।
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कॅरिअर और जिंदगी में साहसिक निर्णय लेना जरूरी : अमनजोत शुक्ला
चंडीगढ़। जिंदगी में साहसिक निर्णय लेना बहुत जरूरी है। कॅरिअर के मामले में दिल से काम करो, अगर मन नहीं है तो निर्णय लो और काम छोड़ दो। आस-पास के समाज की अधिक चिंता किए बिना उस काम को लक्ष्य बनाओ, जो तुम करना चाहते हो। इसके अलावा जिंदगी में जीवनसाथी के साथ जिम्मेदारियों और निर्णयों में भागीदारी निभाएं, शुरुआत खुद से करें। मेरे मां बनने के बाद पति ने कुछ समय के लिए कॅरिअर ब्रेक लिया, ताकि मैं अपना कॅरियर आगे शुरू कर सकूं। ये बातें पीयू के लॉ ऑडिटोरियम में आयोजित दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं पूर्व छात्रा व एचसीएल की डिप्टी जनरल मैनेजर अमनजोत शुक्ला ने कहीं।
छात्रों से अपनी पीयू की यादें साझा करते हुए अमनजोत ने कहा कि यहां आकर बेहद खुशी हो रही है। ये आप सब लोगों के लिए खास पल है, इसके लिए सभी को शुभकानाएं। पीयू मुझे आज भी प्रेरित करती है। वाइस चांसलर प्रो. रेणु विग हॉल में मौजूद नहीं हैं लेकिन फिर भी मैं कहना चाहती हूं कि वह पीयू के साथ ही यहां से बाहर की महिलाओं के लिए भी प्रेरणास्त्रोत हैं। हर बैठक में महिलाओं की संख्या बहुत कम होती है, इसलिए महिलाओं से आग्रह है कि यहां से निकलकर हर क्षेत्र में अधिक से अधिक संख्या में आगे आकर काम करें। अमनजोत ने कहा कि कॉलेज के दिनों में एसी जोशी लाइब्रेरी में मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ कैट की तैयारी की थी, यहीं से इंजीनियरिंग के साथ मैनेजमेंट का भी सफर शुरू हुआ था। कक्षा में हमेशा पहले बेंच पर बैठती थी और शिक्षकों से बहुत सवाल करती थी। आज भी बहुत सवाल करती हूं, सब युवाओं से आग्रह है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सवाल करना और सीखना जरूरी है।
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