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500 साल के काले अध्याय का अंत हुआः सत्यपाल जैन

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चंडीगढ़। अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के मामले में आए फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चंडीगढ़ के पूर्व सांसद एवं भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य सत्यपाल जैन ने कहा कि यह सत्य की जीत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1528 में मीर बाकी ने अयोध्या में भगवान राम का मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बना दी। इसके बाद राम मंदिर निर्माण के लिए जो आंदोलन चला, उसमें पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय आया। फिर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और उसके राम मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन और अब आंदोलन से 32 नेताओं के बरी होने के साथ 500 साल का काला अध्याय समाप्त हो गया।
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जैन ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि आज लाल कृष्ण आडवाणी सहित 32 भाजपा व विश्व हिंदू परिषद के नेताओं को बरी किया गया है। यह निर्णय उन लोगों के लिए सबक है, जो पिछले 28 वर्षों से भाजपा नेताओं पर मस्जिद तोड़ने के झूठे आरोप लगा रहे थे। 6 दिसंबर 1992 को ढांचा गिरने के समय वह अयोध्या में ही मौजूद थे। उन्होंने 14 वर्ष तक लिब्रहान आयोग के सामने इन प्रमुख नेताओं की पैरवी की। उन्होंने कहा कि 1992 में ढांचा गिरने के बाद इन नेताओं पर झूठे मुकदमे चलाए गए। पूरा जोर लगाने के बाद भी सीबीआई इनके विरुद्ध कोई आरोप साबित नहीं कर सकी। जैन ने कहा कि उस दिन सभी नेता घटनास्थल से 1000 मीटर दूरी पर थे। यह दृश्य पूरी दुनिया ने देखा, लेकिन इन नेताओं को फिर भी आरोपी बनाया गया। आखिरकार जीत सत्य की हुई। इस निर्णय के साथ ही राम मंदिर निर्माण में लगे सभी नेता एकजुट होकर और अधिक लगन के साथ काम कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्णय ने ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ कर दिया है। इस फैसले ने 28 वर्ष से चल रहे झूठ के प्रचार का अंत कर दिया है।
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