शहर में चार केंद्रों पर तीन कमरे वाला टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। प्रवेश द्वार पर सुरक्षा गार्ड स्वयंसेवक के मोबाइल में पोर्टल से आया मैसेज चेक करेगा। उसके बाद उसे पहले कमरे में भेजेगा। पहले कमरे में पहचान पत्र की जांच के बाद दूसरे कमरे में भेजा जाएगा। जहां चिकित्सा अधिकारियों की टीम के समक्ष टीकाकरण अधिकारी टीका लगाएगा। उसके बाद स्वयंसेवक तीसरे कमरे में पहुंचेगा, जहां उसे 30 मिनट तक रुकना होगा। इस दौरान कोई परेशानी नहीं हुई तो जाने दिया जाएगा। हर केंद्र पर महिलाओं के लिए पर्दे की व्यवस्था की गई है।
गर्भवती महिला को नहीं लगेगा टीका
डॉ. अमनदीप कौर कंग ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश हैं कि बच्चों, गर्भवती और स्तनपान करा रही महिलाओं को कोरोना का टीका न लगाया जाए। वैक्सीन में बदलाव की इजाजत नहीं होगी। वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की अनुमति 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए ही दी गई है।
विशेषज्ञों की राय जानें
- विशेषज्ञों की राय है कि कोरोना से लड़ने के लिए बनी अब तक की लगभग सभी वैक्सीनों की सुरक्षा संबंधी रिपोर्ट ठीक रही है।
- हो सकता है टीकाकरण के चलते मामूली बुखार आ जाए या फिर सिरदर्द या इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द होने लगे।
- अगर कोई वैक्सीन 50 फीसदी तक प्रभावी होती है तो उसे सफल वैक्सीन की श्रेणी में रखा जाता है।
- टीकाकरण के बाद स्वास्थ्य में मामूली बदलाव पर भी नजर रखनी होगी। इस बदलाव को तुरंत किसी चिकित्सक को बताना होगा।
लाभार्थी को टीकाकरण केंद्र में जाने के बाद वेटिंग हॉल में टीकाकरण अधिकारी को कुछ जरूरी जानकारी देनी होगी। इसी जानकारी के आधार पर टीकाकरण अधिकारी यह तय करेगा कि उसे टीका लगाना है या नहीं। इन बातों का ध्यान रखना होगा..
- गर्भवती और नवजात को दूध पिलाने वाली माताओं का टीकाकरण नहीं होगा।
- जिन्हें किसी प्रकार की कोई एलर्जी हो, उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी।
- अगर लाभार्थी किसी दवा का सेवन लंबे समय से कर रहा हो तो उसकी सूचना भी देनी होगी।
- अगर खून पतला करने वाले किसी दवा का सेवन करते हैं तो उसकी जानकारी भी देनी होगी।
आज ये कोरोना योद्धा लगवाएंगे टीका
कोरोना वायरस के खिलाफ महाअभियान के पहले दिन टीकाकरण करवाने वालों में निदेशक स्वास्थ्य समेत कई उच्च चिकित्सा अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों ने पहल कर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि टीकाकरण से ही महामारी से बचाव संभव है, इसलिए बिना किसी डर आगे आकर टीकाकरण कराएं। सरकार ने संक्रमण के खतरे को देखते हुए टीकाकरण की पहली सूची में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के स्वास्थ्यकर्मियों को प्रधानता देने का निर्देश दिया है।
आज इन्हें लगेगा टीका
- डॉ. अमनदीप कौर कंग, निदेशक स्वास्थ्य, चंडीगढ़
- डॉ. जसविंदर कौर, डायरेक्टर प्रिंसिपल, जीएमसीएच-32
- डॉ. वीके नागपाल, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमएसएच-16
- डॉ. रवि गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक, जीएमसीएच-32
- डॉ. राजीव खनेजा, एसएमओ सेक्टर-45 सिविल अस्पताल
- डॉ. वनिता गुप्ता, आईएमए अध्यक्ष
- डॉ. मनिष्ठा राव, फिजियोथैरेपिस्ट जीएमएसएच-16
- अरुण, सफाई कर्मचारी, जीएमएसएच-16