सैन्य कर्मियों, रिटायर्ड फौजियों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है। प्रॉपर्टी टैक्स में छूट मिलने जा रही है और इस नियम को लागू कर दिया गया है। चंडीगढ़ में 300 गज से अधिक एरिया में बने मकानों में रह रहे सैन्य कर्मियों को अब प्रॉपर्टी टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी।
सांसद किरण खेर ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स में छूट का मामला लंबे समय से अटका हुआ था। इसके लिए वह लंबे समय से प्रयासरत थीं। सांसद ने बताया कि एडवाइजर मनोज परिदा ने जानकारी दी है कि इस संदर्भ में प्रस्ताव को पास कर दिया गया है। अभी तक 300 गज से ज्यादा की प्रॉपर्टी रखने पर सैन्य कर्मियों को पूरा टैक्स चुकाना पड़ता था। यह प्रस्ताव पहले भी लाया गया था, लेकिन मंजूर नहीं हुआ था।
300 गज तक के मकानों पर नहीं है टैक्स
यूटी में सैन्य कर्मियों, रिटायर्ड फौजियों, विधवाओं और दिव्यांगों से 300 गज तक की प्रॉपर्टी पर कोई प्रॉपर्टी टैक्स नहीं लिया जाता है। इसके लिए दिव्यांगों को मेडिकल सर्टिफिकेट देना होता है। वहीं, सैन्य कर्मियों, विधवाओं और दिव्यांगों को हर साल एक शपथ पत्र देना होता है, जिसमें बताया जाता है कि संबंधित भूमि अथवा घर का उपयोग स्वयं ही कर रहा है। किराये पर देने के बाद टैक्स में छूट नहीं मिलती है।