कांग्रेस के पूर्व यूथ प्रधान विजय पाल सिंह डिंपी को न तो हार्ट से संबंधित कोई परेशानी थी और न ही उसका बीपी हाई था। बावजूद इसके डिंपी पुलिस रिमांड से बचने के लिए आर्थिक अपराध शाखा की आंखों में पांच दिन तक धूल झोकता रहा।
पीजीआई के कार्डियोलोजी विभाग ने डिंपी के सभी टेस्ट करने के बाद उसे बिलकुल स्वस्थ बताया। डिंपी की सारी रिपोर्ट नार्मल पाई गई हैं। पीजीआई के डाक्टरों ने डिंपी के स्वस्थ होने की जानकारी आर्थिक अपराध शाखा पुलिस टीम को दी। बुधवार शाम पांच बजे काडियोलोजी विभाग में दाखिल विजय पाल सिंह डिंपी को छुट्टी मिल गई और पुलिस टीम उसे लेकर सीधा सेक्टर 43 जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के पास पहुंची।
आर्थिक अपराध शाखा की पुलिस टीम ने अदालत में बताया कि आरोपी विजय पाल सिंह डिंपी ने पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क को एग्रीकल्चर जमीन दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये ठगे हैं। मामले में नगदी रिकवर करने के लिए पुलिस रिमांड की मांग की। वहीं डिंपी ने अदालत में कहा कि उसे सीने में दर्द रहता है। उसका 2009 में बायपास हुआ था। अदालत ने डिंपी की दलील सुनने के बाद उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
यह है मामला
पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क ने बीती चार जनवरी को सेक्टर-3 थाने में डिंपी के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज मामले के अनुसार विर्क ने चंडीगढ़ के आसपास एग्रीकल्चर जमीन खरीदने के लिए डिंपी से संपर्क किया था। डिंपी ने उनसे बयाने के रूप में 50 लाख का चेक लिया और उसे कैश करवा लिया। काफी समय तक जब डिंपी ने जमीन नहीं दिलवाई तो विर्क ने उससे रुपये वापस करने को कहा। इस पर डिंपी ने इंकार कर दिया। तब उन्होंने इसकी रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस टीम ने पांच अप्रैल को सेक्टर-40 से डिंपी को गिरफ्तार किया था।