चंडीगढ़। यूटी स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग की ओर से स्वास्थ्य और आयुष के लंबित प्रोजेक्ट को लेकर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के बोर्ड रूम में बैठक आयोजित की गई। इसमें आयुष निदेशक अखिल कुमार, चीफ आर्किटेक्ट कपिल सेतिया, मुख्य अभियंता सीबी ओझा, जीएमसीएच-32 के निदेशक प्रिंसिपल डॉ जसबिंदर कौर, यूटी स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन आदि मौजूद रहे। इस दौरान एक साल पुराने वर्ष 2022 के धनास और मलोया में 50-50 बेड के अस्पताल प्रोजेक्ट पर चीफ आर्किटेक्ट और मुख्य अभियंता ने पक्ष रखा कि दोनों अस्पतालों को लेकर अभी जगह ही तय नहीं हो पाई है। चीफ आर्किटेक्ट ने कहा कि धनास अस्पताल की जगह को लेकर प्रशासक के समक्ष मुद्दा रखा जाएगा। वहीं मुख्य अभियंता ने बताया कि मलोया में ट्रैफिक अधिक होने के कारण जगह सही नहीं है, इसके लिए विकल्प तलाशने को लेकर चीफ आर्किटेक्ट को जानकारी दी गई है। वहीं जीएमएसएच-16 में 31 अगस्त तक एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर का काम पूरा हो जाएगा। अगले माह के पहले हफ्ते में इसका उद्घाटन करवाया जाएगा। इसके अलावा जीएमसीएच-32 में रीजनल ट्रामा सेंटर स्थापित करने के लिए निदेशक प्रिंसिपल और चीफ आर्किटेक्ट के बीच बैठक की जाएगी।
वहीं डीपी ने कहा कि फर्श पर कोटा स्टोन का इस्तेमाल करवाया जाए, जिससे सफाई को बेहतरीन किया जा सके। एडवांस इंफेक्शियस डिसिज सेंटर के लिए डीपी ने बताया कि प्रपोजल को अंतिम रूप दे दिया गया है, एक हफ्ते के अंतराल में चीफ आर्किटेक्ट को अनुमति के लिए भेजा जाएगा। एफिलुएंट ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर चीफ इंजीनियर ने बताया कि सितंबर तक इसका काम पूरा कर लिया जाएगा। सेक्टर-48 में हॉस्टल ब्लॉक को लेकर मुख्य अभियंता ने बताया कि टेंडर होने पर दिसंबर तक काम शुरू करवा लिया जाएगा। मल्टीलेवल पार्किंग का काम फंड की कमी के कारण पूरा नहीं हो पा रहा है।
जीएमएसएच-16 के प्रोजेक्ट लंबित, पड़ोसी राज्यों के मरीजों का भार
जीएमएसएच-16 के भी कई प्रोजेक्ट लंबित पड़े हैं। एफिलुएंट ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर मुख्य अभियंता ने जानकारी दी कि इसके लिए टेंडर शुरू किए गए हैं। मदर एंड चाइल्ड केअर सेंटर को लेकर डीएचएस ने बताया कि आर्किटेक्ट इकाई के साथ बैठक में जमीन तय कर ली गई है। इस दौरान चीफ आर्किटैक्ट ने जनसंख्या के अनुसार प्रति बेड रेशो के मुद्दे को उठाया। इस दौरान तय हुआ कि प्रति बेड के अनुसार जाना गलत होगा, क्योंकि चंडीगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं को लाभ पड़ोसी राज्यों की ओर से भी उठाया जाता है। डीएचएस ने बताया कि 50 प्रतिशत मरीज पड़ोसी राज्यों के आते हैं। इस सेंटर की बहुत अधिक जरूरत है, क्योंकि कई बार एक बेड को दो माताओं और बच्चों की ओर से भी साझा किया जाता है। सारंगपुर मेडिकल कॉलेज को लेकर भी जगह निर्धारित नहीं हो पाई है। वहीं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों की लोकेशन और निर्माण को लेकर चर्चा की गई। सेक्टर-34 में 50 बेड के आयुष अस्पताल को लेकर मुख्य अभियंता ने कहा कि चोरी के कारण फिटिंग में देरी हो रही है। आयुष की ओर से सुरक्षाकर्मी मुहैया करवाए जाए, क्योंकि इंजीनियरिंग इकाई के पास इसका कोई प्रोविजन नहीं है। सेक्टर-28 में आयुष डिस्पेंसरी को लेकर सीई ने बताया कि आर्किटैक्ट इकाई की ओर से तीन हफ्तों में ड्रॉइंग उपलब्ध करवाई जाएगी। सेक्टर-24, 27, 37, 41 और 47 में योगा हॉल को लेकर तय हुआ कि एमसी की ओर से कम्युनिटी सेंटर को मुफ्त योगा के लिए मुहैया करवाया जाए। सेक्टर-24 और 27 के आयुष एचडब्ल्यूसी सेंटर का काम 30 अगस्त तक पूरा हो जाएगा।