चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इनोवा कार का हादसे में एयरबैग ने खुलने पर वाहन निर्माता कंपनी और डीलर पर 50 हजार रुपये बतौर मुआवजा राशि अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने मुकदमे पर ग्राहक की ओर से खर्च केस फीस के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। ग्राहक की ओर से आयोग में दायर याचिका में कहा गया कि उसकी कार दो बार दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें एयरबैग नहीं खुला। मामले में सामने आए तथ्यों और दलीलों को सुनने के बाद आयोग ने ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने कहा कि उपभोक्ता एयरबैग वाला वाहन खरीदकर आश्वस्त होता है कि टक्कर की स्थिति में एयरबैग खुल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
सेक्टर 15-ए के निर्भय गर्ग ने दायर अपनी शिकायत में कहा कि उन्होंने 2008 में एक टोयोटा इनोवा खरीदी थी। गाड़ी की नियमित रूप से सर्विस इंडस्ट्रियल एरिया फेज -2 स्थित ईएमपीईई मोटर्स, पायनियर टोयोटा से की जाती थी। उन्होंने याचिका में कहा कि 17 नवंबर, 2015 को वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया और वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन भारी टक्कर के बावजूद एयरबैग नहीं खुले। इसके बाद 24 जून, 2020 को फिर से एक ट्रक ने वाहन को टक्कर मार दी और वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन एयरबैग नहीं खुले। डीलर से शिकायत करने पर उसने दावा किया कि उसकी ओर से सेवा में कोई कमी नहीं है। डीलर ने दावा किया कि शिकायतकर्ता ने 1,23,348 रुपये और अन्य शुल्क का शेष भुगतान नहीं किया था। वहीं कंपनी की ओर से कहा गया कि गाड़ी का सेल्फ डायग्नोसिस सिस्टम पूरी तरह से काम करता हुआ पाया गया।