पांच साल या इससे अधिक समय से
रजिस्ट्रेशन का रिन्यूअल नहीं करवाने वाले फार्मासिस्टों पर शिकंजा कसना
शुरू हो गया है। कार्रवाई करते हुए हरियाणा स्टेट फॉर्मेसी काउंसिल ने 4800 फार्मासिस्टों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है, जबकि 200 फार्मासिस्टों के खिलाफ अनियमितता की शिकायत पर पहले से ही विभागीय कार्रवाई चल रही है।
इसके साथ ही काउंसिल चेयरमैन ने चेतावनी है कि एक माह के भीतर रजिस्ट्रेशन का रिन्युअल नहीं कराया गया तो इसे स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। एक साथ प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन रद्द होने से फार्मेसी के डिग्री व डिप्लोमाधारकों को भविष्य की चिंता सताने लगी है।
उधर, केमिस्ट्स शॉप मालिकों के मुताबिक, इसका असर दवाइयों की उपलब्धता पर नहीं होगा। यदि रजिस्ट्रेशनका रिन्युअल नहीं कराया तो स्थायी तौर पर रद्द किए जा सकते हैं। हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल ने 10000 डिग्री व डिप्लोमाधारकों की सूची तैयार की है। काउंसिल में लगभग 27 हजार रजिस्टर्ड फॉर्मेसी डिग्री व डिप्लोमाधारक हैं।
पिछले दिनों 10 हजार ऐसे फॉर्मेसी डिग्री-डिप्लोमाधारकों की पहचान की गई, जिन्होंने अब तक रजिस्ट्रेशन का रिन्युअल नहीं कराए। इनमें से 5200 ने हाल ही में रजिस्ट्रेशन रिन्यू करवा लिए, जबकि 4800 ने रिन्युअल नहीं करवाएं हैं। इन्हीं 4800 के रजिस्ट्रेशन फार्मेसी एक्ट की धारा-34 के तहत अस्थायी तौर पर रद्द कर दिए गए हैं।
इसके अलावा 200 से अधिक ऐसे रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हैं, जिन पर अनियमितताओं की शिकायत के बाद विभागीय कार्रवाई चल रही है। इनमें 37 उम्मीदवारों ने निर्धारित आयु सीमा से कम उम्र में रजिस्ट्रेशन करवाए थे, जबकि 45 डिग्री व डिप्लोमा धारकों के नाम दो-दो रजिस्ट्रेशन नंबर थे। इसके अलावा 57 ऐसे डिग्री व डिप्लोमा धारक रहे हैं, जिन्होंने दूसरे उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट के दस्तावेजों को पेश कर रजिस्ट्रेशन करवाए।