नगर सुधार ट्रस्ट (इंप्रूवमेंट ट्रस्ट) के अब तक 70 बैंक अकाउंट का खुलासा हो चुका है, जिसमें करीब 80 करोड़ रुपयों का घोटाला सामने आ चुका है। जांच चल रही है। माना जा रहा है कि केवल अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में पिछले दस साल में सौ से 150 करोड़ का घोटाला सामने आ सकता है।
फिलहाल निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को नगर सुधार ट्रस्ट के पांच अधिकारियों व स्टाफ को सस्पेंड कर दिया है। सभी आरोपियों को नौकरी से बर्खास्त करने के लिए जांच बैठा दी गई है। इस घोटाले में एक सीए का भी नाम आया है, उसे भी नामजद किया गया है।
रविवार को निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुए घोटाले की परत-दर-परत खोली। उन्होंने कहा कि अब तक जो भी नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। ये वो अधिकारी व स्टाफ हैं, जिन्होंने जनता के पैसों को खुर्द-बुर्द करने के लिए तमाम साजिशें रचकर घोटाले किए हैं।
दो पूर्व ईओ और एक डिप्टी कंट्रोलर फाइनांस भी नामजद
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दो पूर्व ईओ और एक डिप्टी कंट्रोलर फाइनांस भी नामजद
अब तक नगर सुधार ट्रस्ट के मौजूदा ईओ अरविंद शर्मा, पूर्व ईओ डीसी गर्ग व परमजीत सिंह, मिसेज टीना (ईओ की पर्सनल सेक्रेटरी) सतनाम सिंह (क्लर्क), सीए संजय कपूर व नगर सुधार ट्रस्ट के डिप्टी कंट्रोलर फाइनांस एंड एकाउंट दमन भल्ला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच फिलहाल पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव के पास है।
थर्ड पार्टी आडिट जारी
इस मामले में विभागीय जांच के लिए भी थर्ड पार्टी ऑडिट किया जा रहा है। सिद्धू ने कहा कि दस साल में नगर सुधार ट्रस्ट राम भरोसे ही रहा। कैश बुक का कई महीनों से मिलान नहीं हुआ। नगर सुधार ट्रस्ट के खिलाफ पूर्व पंजाब सरकार के पास 631 शिकायतें आई थी, जिसमें किसी का भी निपटारा नहीं किया गया।
नगर सुधार ट्रस्ट व नगर काउंसिल के खातों का होगा ऑडिट
नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला के साथ-साथ सभी नगर निगम व नगर काउंसिल का पिछले दस साल में कितना पैसा खर्च किया और कहां खर्च किया गया, इसका थर्ड पार्टी ऑडिट किया जाएगा। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के अगुवाई में भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। जो भी आरोपी व दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।