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हरियाणा के इस गांव ने दिए 5 विधायक-मंत्री

Tue, 16 Sep 2014 01:46 PM IST
हरेंद्र रापरिया/अमर उजाला, पानीपत
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जिले के गांव सींक का संयुक्त पंजाब और इसके बाद हरियाणा की राजनीति में एक विशेष स्थान रहा है। हरियाणा में चौटाला गांव के बाद इस गांव को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक पांच विधायक और मंत्री देने का गौरव हासिल हैं।
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यही वजह है कि हरियाणा की राजनीति में सींक का नाम काफी सम्मान के साथ लिया जाता है। सींक की प्रसन्नी देवी के खाते में नौल्था, राजौंद व इंद्री से अलग-अलग सरकारों में छह बार प्रतिनिधित्व करने का रिकॉर्ड दर्ज है।

देश की आजादी के बाद सबसे पहले 1947 के चुनाव में कांग्रेस ने पूर्वी पंजाब की पानीपत सीट से सींक निवासी और स्वतंत्रता सेनानी दत्ता राम को टिकट देने की संस्तुति की लेकिन उन्होंने खुद को अनपढ़ होने की बात कहकर टिकट काशी से उच्च शिक्षा लेकर लौटे गांव के समर सिंह मलिक को दिला दिया।
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जाति से जाट होने के बावजूद काशी से शिक्षित होने के कारण वे क्षेत्र में पंडित समर सिंह के नाम से प्रसिद्ध थे। चुनाव में समर सिंह को जनता ने जोरदार समर्थन किया और उन्होंने इस सीट से शानदार जीत हासिल की।

उन्होंने 1947 से 1952 तक पानीपत सीट का प्रतिनिधित्व किया। इसके बाद 1952 के पहले आम चुनाव में भी समर सिंह कांग्रेस के टिकट पर करनाल जिले की घरौंडा सीट पर संयुक्त पंजाब विधानसभा के सदस्य चुने गए।
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सींक के ये लोग बने विधायक, मंत्री

1957 के चुनाव सींक गांव के इंद्र सिंह मलिक हलका जींद,  जिला संगरूर वर्तमान में पंजाब तथा कृष्ण शास्त्री हलका सफीदों जिला संगरूर से विधायक चुने गए। उस समय हरियाणा के किसी गांव से दो लोगों द्वारा एक साथ विधानसभा में प्रवेश करने का यह पहला अवसर था।

वर्ष 1962 के चुनाव में गांव सींक की प्रसन्नी देवी कांग्रेस के टिकट पर राजौंद सीट से संयुक्त पंजाब विधानसभा की सदस्य चुनी गई। हरियाणा गठन के बाद 1967 के पहले चुनाव में प्रसन्नी देवी कांग्रेस के टिकट पर इंद्री से चुनाव लड़ी और विधायक चुनी र्गइं।  मगर यह सरकार ज्यादा दिन नहीं चली और टूट गई।

वर्ष 1968 में मध्यावधि चुनाव में एक बार फिर प्रसन्नी देवी कांग्रेस के टिकट पर इंद्री से चुनाव लड़ते हुए चुनी गईं।। वर्ष 1972 के चुनाव में भी प्रसन्नी देवी इंद्री से विधायक चुनी गईं और बाद में चौधरी बंसीलाल की सरकार में राज्य शिक्षा व यातायात मंत्री भी बनीं।
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सींक की प्रसन्नी देवी 6 बार विधायक बनीं

वर्ष 1977 के चुनाव में जनता पार्टी की लहर के चलते कांग्रेस मुकाबले से बाहर हो गई। इस चुनाव में जनता पार्टी की टिकट पर सींक निवासी चौधरी सतबीर सिंह मलिक नौल्था से विधायक चुने गए और देवीलाल के मंत्रिमंडल में वित्त, कराधान एवं आबकारी तथा श्रम व रोजगार मंत्री बने।

1982 के चुनाव में सींक की प्रसन्नी देवी इंद्री हलका छोड़कर नौल्था में आ गई और कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने जाने के बाद उन्हें भजनलाल ने अपने मंत्रिमंडल में बतौर स्वास्थ्य मंत्री शामिल कर लिया। करीब 23 साल के अंतराल के बाद नौल्था सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर प्रसन्नी देवी ने विधानसभा में प्रवेश किया।

तीन अलग-अलग सीटों से छठी बार विधायक चुने जाने का अनूठा रिकॉर्ड प्रसन्नी देवी के खाते में दर्ज हो गया वहीं एक सींक गांव के खाते में भी एक और रिकार्ड जुड़ गया।
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