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5 युवतियों ने ली दीक्षा, बनीं साध्वी

Sun, 01 Feb 2015 03:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जाखल(फतेहाबाद)
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जाखल में शनिवार को जैन दीक्षा कार्यक्रम बड़ी धूमधाम से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वैरागनों की त्याग, तपस्या एवं संयम की भावना को देखकर हर किसी का दिल पसीज उठा। वैरागनों की जय जयकार से पूरी मंडी गुंजायमान हो उठी। जाखल के इतिहास में पहली बार एक साथ पांच बहनें घर छोड़कर सन्यासी बन गई।
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जैन धर्म के श्रीमदन -
सुदर्शन गच्छ संघ की पांच वैरागनों का शनिवार को हुई दीक्षा कार्यक्रम ने जाखल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। एक साथ पांच वैरागनों की हुई दीक्षा से जहां अपार खुशी व उत्साह का माहौल था वहीं दूसरी ओर पांचों वैरागनों के अभिभावकों की आंखें नम थी। लेकिन मन में बेटियों की इस महानता पर उन्हें गर्व भी था।

कार्यक्रम में दूर दराज के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। सुबह 9 बजे वैरागनों की शोभायात्रा से शुरू हुआ कार्यक्रम दोपहर बाद उनकी दीक्षा तक चला। एसएस जैन स्थानक से शुरू हुई शोभायात्रा में पांचों वैरागनों को उनके परिवार सहित अलग अलग खुली जीपों में शोभा यात्रा निकाली गई। उनके साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाते हुए यात्रा में साथ दिया।
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यात्रा चंडीगढ़ रोड से होते हुए जिंदल रोड, रेलवे रोड, अनाज मंडी से वापस कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। जहां सभी 36 संतों एवं 29 सतियों के अलावा अलग से बनाए गए मंच पर वैरागनों को उनके परिवार सहित बिठाया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से माहौल को भक्तिमय कर दिया।

कार्यक्रम में ज्ञान गंगा इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने भी भजनों पर मनामोहक प्रस्तुति दी। इसके बाद सभी पांचों वैरागनों ने अपना परिचय देते हुए इस रास्ते को अपनाने के कारणों के बारे में भी बताया। दीक्षा प्राप्त करने वाली वैरागन कोमल जैन निवासी जाक्षी जिला रोहतक, मोनिका जैन निवासी रोहतक, सुधा जैन निवासी गुमाणा, मुस्कान जैन निवासी भिवानी व प्रीती जैन निवासी खनौरी ने कहा कि भले ही यह रास्ता कठिन है लेकिन जीवन का असली रंग इसी में है।

नान मेडिकल से बारहवीं पास रोहतक निवासी मोनिका जैन ने कहा कि हालांकि उनकी मां ने उसे इस रास्ते पर जाने से रोकना चाहा लेकिन पिता के संस्कारों से ही यह रास्ता चुनने को मिला। वहीं कोमल जैन ने कहा कि वह तो कष्टों को छोड़ रही हैं।

कार्यक्रम के तहत वैरागनों का वेश परिवर्तन हुआ व उसके बाद उन्हें संघ नायक पदम चंद्र महाराज ने दीक्षा ग्रहण कराई। इस दौरान दीक्षा से पूर्व वैरागनों के केश लोचन की रस्म भी निभाई गई। कार्यक्रम को लेकर आयोजक एसएस जैन सभा की ओर से सभी श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी की गई। इस मौके पर श्री सुदर्शन लाल महाराज के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
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