अगर स्मार्टफोन में ये 5 बदलाव नजर आ रहे हैं तो संभल जाएं, आपका मोबाइल फटने वाला है। बचाव ही उपाय है, जानिए इससे जान कैसे बचाई जाए।
विज्ञापन
2 of 8
मोबाइल ब्लास्ट
हाल ही में मोहाली निवासी एक बिजनेसमैन के स्मार्टफोन में धमाका हो गया, जिस वजह से उनके बेड और फर्नीचर में आग लग गई। किसी तरह बिजनेसमैन ने पत्नी के साथ मिलकर आग बुझाई। दोनों के हाथ में चोट भी आई, लेकिन जान का बचाव हो गया। अगर फोन हाथ में होता तो जान जा सकती थी।
विज्ञापन
3 of 8
mobile user
ऐसे बचें
फोन खरीदते समय जितनी कस्टमर को बैटरी की जरूरत है, उतनी एमएएच बैटरी वाला फोन ही खरीदें। पूरी रात फोन को कभी भी चार्जिंग पर न लगाएं। बैटरी को 10 फीसदी बैलेंस रहने पर ही चार्जिंग पर लगाएं। कभी भी स्मार्टफोन को चार्जिंग पर लगे होने के दौरान उसका इस्तेमाल न करें। -अमित भारद्वाज, स्मार्टफोन के टेक्नीकल एक्सपर्ट
4 of 8
mobile user
आखिर ब्लास्ट होता क्यों हैं। इसके 5 कारण बताए जा रहे हैं, जिनकी वजह से फोन में बदलाव आते हैं और वो फट जाता है। पहला, फोन का गर्म होना। अगर आपका फोन बार-बार गर्म हो रहा है तो फौरन उसे सर्विस सेंटर में लेकर जाएं। गर्म होने वाले स्मार्टफोन के फटने की संभावना ज्यादा होती है।
विज्ञापन
5 of 8
Mobile user
दूसरा है, बैटरी का फूलना। अगर आपको लगता है कि आपके फोन की बैटरी फूल गई है या फिर फोन के बैक पैनल पर कोई ऊभार नजर आ रहा है तो सावधान हो जाएं। ऐसी स्थिति में बैटरी के फटने की संभावना बहुत ज्यादा होती है। तीसरा है, फोन का बार-बार गिरना। फोन के बार-बार गिरने से भी बैटरी डैमेज होती है और उसके बाद उसमें आग लग सकती है। ऐसे में अपने फोन का ख्याल रखें और उसे गिरने से बचाएं।
विज्ञापन
6 of 8
Mobile user
चौथा, फोन को गर्म जगह पर चार्ज करने से बचें। फोन को हमेशा कम तापमान में ही चार्ज करें, क्योंकि चार्जिंग से दौरान फोन ऐसे ही थोड़ा गर्म होता है। फ्रीज के ऊपर फोन को रखकर कभी चार्ज ना करें। इसलिए फोन को चार्जिंग के समय कमरे के तापमान पर ही रखें। पांचवां, फोन को पानी में गिरने से बचाएं। कई बार किसी कारण से फोन पानी में गिर जाता है तो हम खुद ही मैकेनिक बन जाते हैं और उसे रिपेयर करने लगते हैं जो कि गलत है।
विज्ञापन
7 of 8
Mobile User
पानी में गिरने के बाद फोन में कई सारी दिक्कतें आ सकती हैं। यहां तक की बैटरी में शॉर्ट सर्किट भी हो सकता है। घर पर ही फोन रिपेयर करने से बचें। चार्ज पर लगे फोन को इस्तेमाल करने से बचें। तकनीकी तौर पर इसे पैरासाइटिक चार्जिंग कहते हैं। दबाव पड़ने से बैटरी फुल चार्जिंग साइकिल में नहीं पहुंचती और हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
ज्यादा हीट का प्रभाव पड़ने पर बैटरी फटने की संभावना रहती है। चार्जिंग के दौरान ग्राफिकल वाले गेम न खेलें। ये तापमान बढ़ा बैटरी को नुकसान पहुंचाते हैं। हमेशा उसी चार्जर से चार्ज करना चाहिए जिस कंपनी का फोन हो। फोन को रातभर चार्ज न करें। जरूरत से ज्यादा चार्जिंग से बैटरी की लाइफ कम होती है।