महाराजा रणजीत सिंह स्टेट तकनीकी यूनिवर्सिटी का रास्ता साफ हो गया है। यूनिवर्सिटी की स्थापना संबंधी ऑर्डिनेंस को बिल में तब्दील करने को विधानसभा सत्र में पेश करने के लिए पंजाब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक पंजाब भवन में रात 8.20 बजे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की प्रधानगी में हुई, जो करीब नौ बजे तक चली। मीटिंग में डिप्टी सीएम सुखबीर बादल, ड्रग रैकेट के आरोपों से घिरे बिक्रम सिंह मजीठिया और भाजपा के अनिल जोशी समेत सात मंत्री नहीं पहुंचे। मीटिंग में उन्हीं प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिन्हें सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में पेश किया जाना है।
मालवा के युवाओं को तकनीकी शिक्षा मुहैया कराने के मकसद से मंत्रिमंडल ने महाराजा रणजीत सिंह यूनिवर्सिटी की स्थापना पर मोहर लगा दी। विधानसभा सत्र में इस संबंधी बिल पेश किया जाएगा। इस तकनीकी यूनिवर्सिटी का अधिकार क्षेत्र बठिंडा, संगरूर, पटियाला, मुक्तसर, मानसा, मोगा, फिरोजपुर, बरनाला, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब और इसके साथ लगते राज्य के बाहरी इलाके होंगे।
कैबिनेट ने पंजाब स्टेट कैंसर और ड्रग एडिक्शन ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर फंड एक्ट 2013 की धारा 6 में संशोधन संबंधी बिल विधानसभा सत्र में लाने को स्वीकृति दी है। इससे कैंसर और ड्रग एडिक्शन के उपचार व पुनर्वास के लिए इमारतें, मशीनरी जुटाने व उनकी अपग्रेडेशन में वित्तीय साधन जुटाने में मदद मिलेगी। इससे इकट्ठा होने वाले सेस का बोझ बिडर पर पड़ेगा। टैक्स इकट्ठा करने वाली एजेंसी आवास निर्माण व शहरी विकास विभाग पर असर नहीं पड़ेगा। सेहत विभाग के कैंसर फंड में उसी प्रतिशत के मुताबिक राशि आएगी।
कैबिनेट ने पंजाब एफिलिएटेड कॉलेज (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) संशोधन बिल सत्र में पेश करने को मंजूरी दी है। इससे एजुकेशन ट्रिब्यूनल के चेयरमैन व सदस्यों की कार्य अवधि तीन साल या अधिकतम आयु 65 (जो भी पहले हो) हो जाएगी।
मीटिंग में संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी बिल 2014 संबंधित ऑर्डिनेंस को एक्ट में बदलने को सत्र में पेश करने को मंजूरी दी गई। इससे जालंधर के गांव ख्याला में बाबा भाग सिंह चैरिटेल सोसाइटी द्वारा चलाई जा रही संस्था को यूनिवर्सिटी बनाने का राह खुल जाएगा।
कैबिनेट ने पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1911 और द पंजाब म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1976 में संशोधन संबंधी दो ऑर्डिनेंस को बिलों में तब्दील करने संबंधी प्रस्ताव सत्र में पेश करने को भी मंजूरी दी। साथ ही निकाय सीमाओं से बाहर पड़ती इमारतों से लेने वाले इंस्टीट्यूशनल टैक्स को हाईकोर्ट द्वारा तय मापदंडों के मुताबिक तर्कसंगत बनाने को भी मंजूरी दी गई।
अवैध कालोनियों के निवासियों को बुनियादी सुविधों देने के मकसद से पंजाब लॉज स्पेशल प्रोविजंस ऑर्डिनेंस 2014 को बिल में तब्दील करने पर सहमति दी। ताकि इसे विधानसभा सत्र में पेश किया जा सके। कैबिनेट ने नए भर्ती मुलाजिमों के लिए बेसिक वेतन देने को तय किए नियम सेहत विभाग के स्पेशलिस्ट डॉक्टरों पर न लागू करने को मंजूरी दी, क्योंकि सरकारी अस्पतालों में इनकी पहले ही कमी है।
पेशावर में मारे गए बच्चों को दी श्रद्धांजलि
पंजाब मंत्रिमंडल की बैठक में भी पेशावर, पाकिस्तान में आतंकियों द्वारा मारे गए बच्चों का दर्द झलका। मीटिंग की शुरुआत में गत 16 दिसंबर को घटित इस दर्दनाक घटना पर दुख जताया गया। इसमें 142 मासूम स्कूली बच्चों और स्टाफ की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। मंत्रियों ने दो मिनट का मौन रखकर मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी।