पंजाब में ड्रग्स को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कैप्टन सरकार तेजी से काम कर रही है। इसके लिए हेल्पलाइन जारी किया गया है। हेल्पलाइन नंबर 181 पर फोन कर कोई भी नशे से जुड़े तस्करों पर जानकारी दे सकता है। नशा तस्करी रोकने के लिए शुरू की गई मुहिम के केवल दो दिनों में पुलिस को हेल्पलाइन नंबर 181 पर 240 लोगों ने जानकारियां दी हैं। इसी अवधि के दौरान पुलिस ने 497 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि उनकी सरकार की ओर से शुरू नशा विरोधी मुहिम के अच्छे परिणाम आने लगे हैं। विशेष टास्क फोर्स के प्रमुख हरप्रीत सिंह के शुक्रवार को पद संभालने के बाद और प्रोत्साहन मिलेगा। बादल सरकार के कार्यकाल में 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन को फिर से शुरू करने पर खुशी प्रकट करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने पुलिस व खुफिया एजेंसियों को आगामी दिनों में नशे के खिलाफ अभियान तेज करने और इस संबंध में आम लोगों की सहायता लेने के लिए निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही यह आश्वासन दे दिया है कि नशे के बारे में सूचना देने वाले की पहचान को गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों में विश्वास की भावना पैदा हुई है और वह बिना डर से सूचना देने के लिए आगे आ रहे हैं।
इतने नशीले पदार्थ हुए बरामद
ड्रग्स स्मगलिंग
- फोटो : डेमो फोटो
नशे के संबंध में आकड़े उपलब्ध करवाते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि 16 से 29 मार्च तक नशे के 497 व्यापारियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एनडीपीएस एक्ट में 449 केस दर्ज किए गए हैं। गिरफ्तार लोगों से 4.034 किलोग्राम हेरोइन और 0.605 किलोग्राम स्मैक बरामद की है।
इस दौरान 2.22 किलोग्राम चरस, 24.46 किलोग्राम अफीम, 715.31 किलोग्राम चूरापोस्त व 1.879 किलोग्राम भांग पकड़ी गई है। पुलिस ने 12.519 किलोग्राम नशीला पाउडर, 1576 टीके, 111893 गालियां/कैप्सूल, 72.78 किलो गांजा व 133 बोतलें सिरप भी पकड़ी है।
हरप्रीत सिद्धू ने एसटीएफ का चार्ज संभाला
1992 बैच के आईपीएस अधिकारी हरप्रीत सिद्धू ने शुक्रवार को औपचारिक तौर पर गठित स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का कार्यभार संभाल लिया। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस मेनिफेस्टों के अनुसार सूबे से चार हफ्ते में नशा तस्करी खत्म करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है।
एसटीएफ के दो कार्यालय होंगे, जिनमें से एक पुलिस मुख्यालय सेक्टर-9 चंडीगढ़ में और दूसरा पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय चंडीगढ़ में होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि नशा तस्करी रोकने के लिए हरप्रीत सिद्धू को हर कदम उठाने की खुली छूट है।