फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा विभाग का फरमान- 42 अभिभावकों की शिकायत के साथ डॉक्यूमेंट लगाएं, वरना अपील रद्द

Thu, 25 Jun 2020 12:27 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग के रजिस्ट्रार ऑफिस ने फीस बढ़ोतरी के मामले में दी गई शिकायतों के लिए 42 अभिभावकों को बुधवार को ई-मेल जारी की है।
विज्ञापन


विभाग ने फरमान जारी किया है कि पैरेंट्स फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी को दी गई शिकायत के साथ दस्तावेज सलंग्न कर वापस दें अन्यथा उनकी ओर से की गई अपील को रद्द कर दिया जाएगा। बता दें पैरेंट्स ने फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी के तहत शहर के प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ फीस बढ़ोतरी, ट्रांसपोर्टेशन और अन्य खर्चे ट्यूशन फीस में मिलाकर वसूलने, नॉन-एनसीईआरटी बुक्स व स्टेशनरी स्कूल से खरीदने पर मजबूर करने के लिए शिकायत सौंपी थी।

चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की तरफ से की जा रही मनमानी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता है। विभाग परिजनों को ही अतिरिक्त दस्तावेज जमा करवाने के लिए परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा बहुत सारी शिकायतें सभी दस्तावेजों के साथ पिछले एक साल से विभाग के पास पेंडिंग हैं, लेकिन विभाग ने उन पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।
विज्ञापन


हर बैठक में प्राइवेट स्कूलों को अगली तारीख तक रियायत दे दी जाती है। वहीं परिजनों को शिकायत के साथ दस्तावेज सलंग्न करने के लिए सिर्फ एक दिन का समय दिया गया है। पैरेंट्स से वीरवार तक सभी मांगे दस्तावेजों के साथ शिकायत देनी है अन्यथा उनकी ओर से की गई अपील को रद्द कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा विभाग का यह रवैया उसकी कारगुजारी पर सवाल खड़ा करता है।

विभाग ने मांगे ये दस्तावेज
शिक्षा विभाग ने बुधवार को शिकायतकर्ता परिजनों से शिकायत के साथ सेल्फ अटेस्टेड एफिडेविट के साथ शिकायत कर्ता का नाम, पिता का नाम, पता, कॉन्टैक्ट नंबर, बच्चे का नाम, क्लास व सेक्शन, स्कूल का नाम व पता इत्यादि की मांग की है। पैरेंट्स को एक दिन के अंदर ही विभाग को यह जानकारी मुहैया करवानी होगी अन्यथा उनकी शिकायत रद्द कर दी जाएगी।
विज्ञापन


15 जून की बैठक में प्राइवेट स्कूलों को दी थी 30 तक रियायत
इस सेशन में परिजनों की तरफ से 900 शिकायतें फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी के पास आने के बाद 15 जून को अथॉरिटी की पहली बैठक की गई। लेकिन इसमें भी परिजनों के पक्ष में कोई फैसला नहीं लिया गया। इसके विपरीत प्राइवेट स्कूलों को बैलेंस शीट जमा करवाने के लिए 30 जून तक समय दे दिया गया। हालांकि इससे पहले बैलेंस शीट के मामले में हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन और केंद्र सरकार से जवाब मांगा था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें