रे ऑफ पॉजिटिविटी संस्था के फाउंडर एमपी सिंह के अनुसार इस काम लगे उनकी संस्था को 45 दिन हो चुके है। उनके मन में आया था कि आम लोगों की किस तरह से मदद कर सकते हैं, इसी में विचार आया क्यों ना। स्कूल के बच्चों को इस काम में जोड़ा जाए। सबसे पहले शास्त्री नगर स्थित आरएस मॉडल स्कूल के प्रबंधकों से बात की गई। उनकी हां के बाद स्कूल के बच्चों को मोटिवेट किया गया।
बच्चों ने अपने घर पर जाकर परिजनों को समझाया। धीरे धीरे अब स्कूल के बच्चे क्या अध्यापक भी इस सेवा के साथ जुड़ चुके हैं। सिटी के अन्य स्कूल भी उनसे इसमें अपना सहयोग देने की बात कह रहे थे। यह सेवा केवल खाने तक सीमित नहीं रहेगी, आने वाले दिनों में पुराने कपड़े, स्टेशनरी आदी को भी शामिल किया जाएगा। ताकी जो बच्चे किताबों या फिर किसी अन्य कारण पढ़ नहीं सकते है। उनकी सहायता की जा सके।
स्कूल की तरफ से सिर्फ बच्चों को इस काम के लिए प्रेरित किया गया था। बच्चों ने अपने माता पिता को अपने स्तर मोटिवेट किया था। इस अभियाना को आगे बढ़ाने पर विचार चल रहा है। आगे बच्चों को हर महीने अपनी पॉकेट मनी से कुछ पैसा समाजसेवा के लिए दान करने को प्रेरित किया जाएगा। ताकी उस पैसे से अस्पताल में भर्ती गरीब मरीजों की सहायता की जा सके। - मोहन लाल कालड़ा. डॉयरेक्टर एकेडमी