400 एमबीबीएस स्टूडेंट्स का कैरियर अबतक अधर में लटक रहा था। सरकार ने दी बड़ी राहत। दरअसल फरीदाबाद स्थित गोल्डफील्ड के 400 एमबीबीएस स्टूडेंट्स को बड़ी राहत मिली है। हरियाणा सरकार के अनुरोध पर गंभीरता से विचार करने के बाद मेडिकल कांउसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की सिफारिशों को केन्द्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
ल्ड फील्ड चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के चार शैक्षणिक सत्रों के दौरान दाखिल 400 एमबीबीएस स्टूडेंट्स को प्रदेश के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट या एडजस्ट करने की मंजूरी दे दी गई है। करीब तीन महीने पहले संस्थान के बंद होने के बाद से 400 स्टूडेंट्स को भविष्य की चिंता सता रही थी, लेकिन अब भावी डॉक्टरों को पढ़ाई का दूसरे कॉलेजों में मौका मिलेगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा चिकित्सा परिषद की ओर से गोल्ड फील्ड चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान, फरीदाबाद से उत्तीर्ण सभी विद्यार्थियों को अस्थायी पंजीकरण देने के लिए भी मंजूरी दे दी गई है। केंद्र सरकार ने हरियाणा में स्थित संस्थानों के विद्यार्थियों के इंटर्नशिप के लिए भी प्रावधान को स्वीकृति दे दी है। हरियाणा का चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग इन विद्यार्थियों को संबंधित वर्ष की एआईपीएमटी में उनकी मेरिट के आधार पर प्रदेश के चार सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त चिकित्सा महाविद्यालयों में शिफ्ट करेगा।
इनमें स्नातकोत्तर चिकित्सा विज्ञान (रोहतक), भगत फूल सिंह राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय (खानपुर, सोनीपत) शहीद हसन खां मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, (नल्हड़, मेवात) और महाराजा अग्रसेन चिकित्सा महाविद्यालय (अग्रोहा, हिसार) सरकारी सहायता प्राप्त के अलावा प्रदेश एमएम चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (मुलाना, अंबाला), एसजीटी चिकित्सा महाविद्यालय (बुढ़ेड़ा, गुड़गांव) में समायोजित करेगा। सरकारी सीट के तहत दाखिल विद्यार्थियों को सरकारी संस्थानों में समायोजित किया जाएगा, जबकि प्रबंधन कोटा के तहत दाखिल विद्यार्थियों को निजी संस्थानों में समायोजित किया जाएगा। केवल सरकारी सीटों के विरुद्ध दाखिल छात्राओं को भगत फूल सिंह राजकीय महिला चिकित्सा महाविद्यालय, खानपुर, सोनीपत में एआईपीएमटी में उनकी मेरिट के अनुसार और संस्थान की पसंद अनुसार समायोजित किया जाएगा।
सरकारी संस्थानों में भी गोल्डफील्ड के बराबर चुकानी होगी फीस
सरकारी कॉलेजों में समायोजित किए जाने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड फील्ड चिकित्सा विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान की फीस के बराबर राशि ही फीस के मद में अदा करनी होगी। निजी संस्थानों में समायोजित एमबीबीएस स्टूडेंट्स को गोल्ड फील्ड की फीस की फीस या निजी संस्थान, जो भी अधिक उसकी अदायगी करनी होगी। विद्यार्थी हरियाणा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान निदेशालय की ओर से जारी किए जाने वाले विज्ञापन की प्रतिक्रिया में समायोजन के लिए अपना विकल्प देंगे। विभाग की ओर से जारी विज्ञापन में काउंसलिंग कार्यक्रम भी होगा।