सीबीआई कोर्ट में जज के सामने रखे नोट
- फोटो : प्रतीकात्मक
चंडीगढ़ सीबीआई अदालत में जज के सामने 40 लाख रुपये देख कोर्ट रूम में मौजूद लोग दंग रह गए। अदालत में पेश 500-500 और 1000 के बंद हो चुके नोटों की गिनती की गई। दरअसल, यह रकम सीबीआई ने रिश्वत मामले में गिरफ्तार चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी राम चंद्र मीणा के पास से बरामद की थी।
सीबीआई ने साल 2015 में आर्थिक अपराध शाखा के तत्कालीन डीएसपी समेत शहर के दो बड़े उद्योगपति और एक सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया था। इस केस का ट्रायल अभी तक सीबीआई अदालत में चल रहा है। बुधवार को सीबीआई ने आरोपियों के पास से बरामद 40 लाख रुपये अदालत में पेश किए। इन नोटों की रिकवरी के लिए सीबीआई ने एक स्वतंत्र गवाह भी बनाया था, जिसने अदालत में इनकी पहचान कर ली है। इसके साथ ही सीबीआई ने रिश्वत मामले से जुड़ी एक वीडियो की डुप्लीकेट कापी भी प्रस्तुत करने की इजाजत मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई को होगी।
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बंद हो चुके नोट...
सीबीआई ने केस प्रॉपर्टी के तौर पर पहली बार 40 लाख रुपये रकम अदालत में पेश की है। इसमें 39 लाख रुपये की रकम के तौर पर 500-500 के 7800 नोट हैं, बाकी एक लाख रुपये में एक हजार के 100 नोट शामिल हैं। मामले में दिलचस्प बात यह है कि सीबीआई की ओर से बड़े बैग में मालखाने से भरकर लाए गए ये नोट अब पूरी तरह से चलन में नहीं है। ये नोट 2016 में नोटबंदी के पहले के है, जो अब बंद हो चुके हैं।
ये है मामला
चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने सेक्टर-9 निवासी दीपा दुग्गल की शिकायत पर साल 2015 में चावला पेट्रोल पंप के मालिक गुरकृपाल सिंह चावला, उनकी पत्नी व बेटे के खिलाफ 6.25 करोड़ की ठगी का केस दर्ज किया था। आरोप है कि चावला परिवार को इस केस में गिरफ्तार न किए जाने के एवज में पुलिस ने 40 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। मामले में आरोपी रहे सब इंस्पेक्टर सुरिंदर कुमार की मौत हो चुकी है। वहीं, उद्योगपति संजय दहूजा सीबीआई का सरकारी गवाह बन चुका है। मामले में अब चंडीगढ़ पुलिस में तैनात रहे दानिप्स कैडर के डीएसपी राम चंद्र मीणा और दूसरे बड़े उद्योगपति अमन ग्रोवर के खिलाफ केस चल रहा है।