अमृतसर जिले में डेंगू का कहर जारी है। डेंगू के डंक से चार लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में सेवानिवृत्त डॉक्टर सहित चार साल का बच्चा भी शामिल है। अभी तक यहां कुल 91 मरीज डेंगू पाजिटिव मिले हैं।
गुरुनानक देव अस्पताल और सिविल अस्पताल में डेंगू का अलग वार्ड बनाया गया है। सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज किया जा रहा है।
डेंगू के डंक से जान गंवाने वाले लोगों की पहचान सेवानिवृत्त डॉक्टर प्रदीप बेहलगन निवासी लारेंस रोड, जसबीर सिंह निवासी गोल्डन एवेन्यू, अभय राय (4) निवासी छेहरटा, गायत्री देवी निवासी होशियारपुर के तौर पर हुई है। गायत्री देवी को पिछले शुक्रवार को होशियारपुर से यहां के गुरु नानक देव अस्पताल भर्ती कराया गया था।
यहां वीरवार को उनकी मौत हो गई। सिविल सर्जन डॉ. जय सिंह ने डेंगू ने इन चारों मरीजों की मौत होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अभी तक अमृतसर में डेंगू के कुल 91 केस पाजिटिव पाए गए हैं, जिनका शहर के सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। चार मरीजों की हालत में सुधार आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी कर दिया गया।
सिविल सर्जन ने सरकारी अस्पतालों में डेंगू मच्छर से बचने के लिए मच्छरदानी बांट दी गई है। सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। दवाएं मुफ्त बांटी जा रही है। डेंगू के मरीजों के लिए गुरु नानक देव अस्पताल में 20 बेड व सिविल अस्पताल में 10 बेड का वार्ड अलग से बनाया गया है।
डीसी रवि भगत ने बताया डेंगू के मरीजों के लिए ब्लड कंपोनेंट निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए गुरु नानक देव अस्पताल के ब्लड बैक में यह उपलब्ध है। इसके अलावा गुरु नानक देव अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया गया, जिसका प्रमुख डॉ. तजिंदर पाल सिंह सिकरी को बनाया गया है।