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गुरुद्वारों में कारसेवक के रूप में काम करते थे आतंकी, पूछताछ में हुए कई खुलासे

Thu, 01 Jun 2017 09:12 AM IST
अमित शर्मा/अमर उजाला, मोहाली
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terrorist - फोटो : Demo Photo
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पकड़े गए खालिस्तान जिंदाबाद के आतंकी राज्य के विभिन्न गुरुद्वारों में कारसेवक के रूप में काम कर चुके हैं, जबकि महिला आतंकी ड्रग तस्करी का कारोबार करती थी। यह बात आरोपियों से पूछताछ में सामने आई है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, हरबिंद्र सिंह को फेज-6 स्थित बस स्टैंड के पास से पकड़ा गया था। वह मूलरूप से अमृतसर का रहने वाला है। वह गुरुद्वारों में सेवा करते हुए इन लोगों के संपर्क में आया था। एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बिल्कुल साधारण परिवारों से हैं। वह सामान्य लोगों की तरह जीवन जी रहे थे। उन्होंने बताया कि टीमों को बिहार भेजा गया हैं, ताकि आतंकियों हथियार सप्लाई करने वाले को काबू किया जा सके। इस तरह जरनैल सिंह व रनदीप सिंह भी विभिन्न गुरुद्वारों में ही सेवादार के रूप में काम करते थे।

ऐसे हरबिंद्र बन गया था आतंकी
पुलिस सूत्रों से पता चला है कि हरबिंद्र सिंह पहले क्लीन शेव रहता था। वह करीब तीन पहले दरबार साहिब गया था। वहां पर उसकी मुलाकात कट्टरपंथियों से हुई थी। जो कि अब यूके में रहते हैं। इसके बाद वह सोशल मीडिया के माध्यम से आपस में संपर्क साधते थे। इसके बाद हरबिंद्र ने पगड़ी बांधनी शुरू कर दी थी। साथ ही उसके बाद से खालिस्तान जिंदाबाद के स्लीपर सेल के रूप में काम कर रहा था।
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चंडीगढ में तैयार की थी मारने वाले लोगों की सूची

arrest - फोटो : demo pic
चंडीगढ में तैयार की थी मारने वाले लोगों की सूची
कुछ समय पहले हरविंद्र चंडीगढ़ आ गया था। यहां वह सेक्टर-44 में किराए के घर में रह रहा था। वह कंट्टरपंथियों से पूरी तरह से प्रभावित था। इस कारण उसने मारने वालों की एक लिस्ट यहां तैयार की थी। इसमें पंजाब के शिवसेना नेता का नाम भी शामिल था।

पति था बेरोजगार, अमृतपाल चला रही थी घर
अमृतपाल कौर उर्फ अमृत जिसे की हरबिंद्र के साथ पकड़ा गया है। वह मूलरूप से बिशनपुर गांव संगरूर की रहने वाली है। जबकि कुछ समय पहले सलेमटाबरी लुधियाना में रहने लगी थी। उसका पति बेरोजगार था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में उसने बताया है कि करीब डेढ़ साल पहले उसने ड्रग्स लेना शुरू कर दी थी। इसके अलावा वह ड्रग्स सप्लाई भी करती थी। लेकिन उस पर कोई केस दर्ज नहीं दर्र्ज है। इसके बाद हरबिंद्र के संपर्क में आ गई। साथ ही आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गई। वह साधारण परिवार से संबंध रखती है।

फोन नहीं, सोशल मीडिया से करते थे संपर्क
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी संपर्क साधने के लिए फोन का प्रयोग नहीं करते थे। बल्कि वह अपने हैंडलर्स से सोशल मीडिया के माध्यम से ही संपर्क साधते थे। वहीं, पुलिस ने आरोपियों के कंप्यूटर और फोन भी रिकवर कर लिए है।
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