रमेश सिप्पी द्वारा निर्देशित 1975 की ‘शोले’ का थ्री-डी वर्जन काफी मेहनत से बनाया गया है मगर पहले दिन चंडीगढ़ में इसे उम्मीद के मुताबिक दर्शक नहीं मिले।
धूम के रहते ज्यादातर मल्टीप्लैक्स ने वैसे भी दो से तीन शो ही इस फिल्म के लिए रखे थे। उनमें भी करीब-करीब आधी सीटें खाली रहीं। अब वीकेंड पर अच्छे दर्शकों की उम्मीद की जा रही है।
थ्री-डी का मजा अलग
पहले दिन थ्री-डी शोले देखने वालों में गीतकार एस राकेश भी रहे। उन्होंने कहा कि मुझे याद है जब मैं चंडीगढ़ के बिना डोलबी साउंड सिस्टम में शोले देखने गया था। लगभग 38 साल बाद आज 3-डी में इसे देखने आया हूं।
इसका मजा ही कुछ और है। मैं हेमा मालिनी का फै न हूं और आज आंखों के इतनी पास उन्हें देखकर अच्छा लगा। खरड़ निवासी राजीव के मुताबिक शोले का जवाब नहीं।
फिल्म के 25 साल पूरे होने पर जब शोले को डोलबी साउंड मे रिलीज किया था तब भी मैं इसका शो देखने आया था और आज 3-डी का शो भी और अभी अपने दोस्तों के साथ इसे दोबारा देखने आउंगा।
मुझे शोले के 3-डी में आने की खबर पिछले साल ही मिल गयी थी तबसे इसी इंतजार में था की इसे 3-डी में देखूं।
साठ फीसदी तक दर्शक
हालांकि सिनेमा मैनेजरों का दावा है कि थ्री-डी शोले को पहले दिन साठ फीसदी तक दर्शक मिले। एफआर के असिस्टेंट मैनेजर मनजीत सिंह और डीटी मॉल के रोहित भारद्वाज के अनुसार पहले दिन शो में पचास से साठ फीसदी तक दर्शक रहे। शनिवार और रविवार को यह फिल्म और बेहतर करेगी, इसकी पूरी उम्मीद है।
मिस्टर जो भी करवालो को नहीं मिले दर्शक
थ्री-डी शोले के साथ ही रिलीज हुई अरशद वारसी की फिल्म मिस्टर जो भी करवालो को तो नाममात्र दर्शक ही मिले। शुक्रवार को पहले ही दिन पिकाडली स्क्वेयर ने फिल्म के सभी शो रद्द कर दिए।