चंडीगढ़ में सेक्टर-33 स्थित टैरेस्ड गार्डन के सामने 10 हजार से भी अधिक गमलों में गुलदाऊदी की 268 किस्में तैयार की जा रही हैं। गमलों में लगाए फूल खिलने भी लगे हैं। गुलदाऊदी के रंग-बिरंगे खिले फूलों को देखकर वहां काम कर रहे माली और गुरदाऊदी शो के इंचार्ज खुश हैं।
नगर निगम की ओर से आयोजित होने वाला यह 33वां गुलदाऊदी शो है। ये किस्में नगर निगम की ओर से दिसंबर के पहले सप्ताह में होने वाले 33वें गुलदाऊदी शो में प्रदर्शित किया जाएगा। दिसंबर आते आते सभी गमलों में फूल खिल जाएंगे। सभी फूलों के खिल जाने के बाद पूरी तरह से 268 किस्मों के बारे में पता चल पाएगा।
इन दवाइयों का हो रहा स्प्रे
इमिदा क्लोफाइड, रोगर, ब्लाइटॉक्स, बबिस्टान सहित अन्य दवाइयां गुलदाऊदी के पौधों और फूलों पर छिड़काव (स्प्रे) की जा रही हैं। इसके स्प्रे करने से पौधे मजबूत होते हैं। सर्दी के सीजन में गुलदाऊदी में सबसे पहले फूल आते हैं। इसके कारण फंगस और कीड़े इन पर हमला करते हैं। इससे ये दवाइयां बचाव करती हैं।
गुलदाऊदी की किस्में
गुलदाऊदी शो में स्नो बॉल, सोनार बंगला, किकू ब्लोकी, महात्मा गांधी, कस्तूरबा गांधी, मिस इंडिया, चंद्रमा, सन, गोल्डन जुबली, सिल्वर जुबली, राजा, कवर गर्ल, रेड वाइन, डेकोरेटिव पिंग, सुपर ग्लो, कोका सूजन, कासा गरंडा, पिंब क्लाउड, सिल्क वरोकल, ड्रीम कैस्टल सहित 268 किस्में उगाई जा रही हैं।