नमक के बहाने पाकिस्तान से ड्रग्स मंगवाने के मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। मामले के एक आरोपी अजय गुप्ता ने एनआईए की विशेष अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की लेकिन नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने याचिका का विरोध किया गया। एनआईए ने अदालत में तर्क दिया कि वह नमक व्यापारी नहीं है लेकिन ड्रग केस में शामिल है।
इतना ही नहीं बिना आर्डर दिए उसे पाकिस्तान से नमक भी आया और उसके खाते में पैसे भी आए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को निश्चित की है। जानकारी के मुताबिक अदालत में एनआईए ने बताया कि अजय गुप्ता ने कश्मीरी व्यापारी व मामले के एक आरोपी तारिक लोन से 18 लाख रुपये लिए थे।
वहीं एनआईए ने अदालत को बताया कि यहां पर भी एक दिलचस्प पहलू है कि अजय गुप्ता पाकिस्तान से नमक मंगवाता था लेकिन वह कोई आर्डर भी नहीं करता था। इसके अलावा किसी तरह की पेमेंट नहीं करता था लेकिन उसके पास नमक आ जाता था। एनआईए ने दलील देते हुए कहा कि गुप्ता पाकिस्तान से मंगवाए नमक संबंधी सारे दस्तावेज पेश करे तो ही उसकी जमानत पर विचार किया जाए।