कैथल। करीब मानसून सीजन सूखा गुजर गया, लेकिन जाते जाते बारिश के सीजन के पूरे रिकार्ड तोड़ दिए। शुक्रवार रात्रि जिले में इस सीजन में अब तक की सबसे ज्यादा बरसात हुई।
पूरी रात रुक-रुक कर बरसात होती रही। जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। बरसात से फसलों में नुकसान होने का अंदेशा है। शुक्रवार रात्रि करीब 10 बजे बरसात शुरू हुई। जो रुक-रुक कर पूरी रात होती रही। मौसम विभाग के अनुसार, कैथल में शुक्रवार रात्रि 33.8 एमएम बरसात हुई है।
वहीं धान अनुसंधान संस्थान कौल में 183 एमएम बरसात दर्ज की गई है। कलायत, राजौंद में बदरा जमकर बरसे हैं।
अब बारिश की संभावनाएं कम
मौसम वैज्ञानिक डा. चंद्रशेखर डागर ने कहा कि अगले 24 घंटे में मौसम साफ हो सकता है। बादल तो छाए रहेंगे, लेकिन बरसात होने की संभावनाएं कम हैं। शुक्रवार रात्रि जिले भर में करीब 33.8 एमएम बरसात हुई है। जो इस सीजन की अब तक की सबसे ज्यादा बरसात है। अगेती फसलों को नुकसान हो सकता है।
हुडा से पानी निकासी की मांग की
अर्बन एस्टेट रेजिडेंटस वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रशासन से पानी निकासी की समस्या का समाधान करने मांग की है। एसोसिएशन के प्रधान अशोक गुप्ता ने बताया कि बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने से हुडा सेक्टर 20 के लोगो को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा। सेक्टर की कई गलियों में रेन वाटर पाइप नहीं डाली गई है। इस कारण पानी सड़कों पर खड़ा होता है। लोगों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
बेसमेंट में भरा पानी, जेई ने कहा, खुद ठीक करवाओ
अंबाला रोड एचडीएफसी बैंक के सामने स्थित चावला कार शॉपिंग की बेसमेंट में पानी भर गया। दुकान के मालिक तरुण चावला ने बताया कि पीडब्लूडी विभाग द्वारा कुछ महीने पहले ही दुकानों के आगे नाले बनाए गए हैं। नालों के निर्माण में कमी होने के कारण बेसमेंट में पानी जा रहा है। उन्होंने बताया कि पीडब्लूडी विभाग के जेई को इसके बारे में शिकायत दी है। विभाग का जेई स्वयं ठीक करने के लिए कह रहा है।
जलभराव से कर्मचारी व लोग परेशान
ढांड। बरसात से खेतों व बिजली डिवीजन में भी भारी मात्रा में पानी जमा हो गया। बिजली बोर्ड में पानी जमा होने के कारण अधिकतर बिजली उपकरण पानी में डूबे रहे है। बरसात के चलते सामान्य जन जीवन पर भी व्यापक असर पड़ रहा है।
इन फसलों को नुकसान
पाई। बारिश के कारण अगेती किस्मों को नुकसान होने का अनुमान है। किसान जगजीत, रामकुमार, पवन, सुरेश, रमेश, चंदू ने बताया कि कपास की फसल व धान की 1509 किस्म को काफी नुकसान हो रहा है। इस समय कपास की फसल पर फूल व डोड़े आ रहे हैं। वर्षा से कपास के फूल व डोडे जमीन पर गिर रहे है। धान की 1509 किस्म भी इस समय निसर गई है और उसमें कच्ची पाली पड़ी हुई है, जिससे धान की फसल का दाना काला पड़ जाएगा।