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Chandigarh News: अक्तूबर से दौड़ेंगी 328 नई ई-बसें, ट्राइसिटी से डीजल बसों की होगी छुट्टी

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चंडीगढ़। पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत चंडीगढ़ को स्वीकृत 328 नई इलेक्ट्रिक बसों की आपूर्ति अक्तूबर 2026 से शुरू होने की संभावना है। प्रशासन ने लक्ष्य तय किया है कि वर्ष 2027-28 तक ट्राइसिटी रूटों पर चल रही सभी डीजल बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर उनकी जगह पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी।
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केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने चंडीगढ़ को कुल 428 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी दी है। इनमें से 100 बसें चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के डिपो-4 में 15 वर्ष की सेवा पूरी कर चुकी डीजल बसों को बदलने के लिए स्वीकृत की गई थीं। अधिकारियों के अनुसार इनमें से 60 इलेक्ट्रिक बसें पहले ही विभिन्न रूटों पर संचालित की जा रही हैं, जबकि शेष 40 बसें जून तक बेड़े में शामिल कर ली जाएंगी।
वर्तमान में सीटीयू के पास कुल 140 इलेक्ट्रिक बसें हैं जो ट्राइसिटी रूटों पर दौड़ रही हैं। इसके अलावा पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत स्वीकृत 328 अतिरिक्त बसों के लिए केंद्र सरकार ने ई-टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बसों की डिलीवरी अक्टूबर से शुरू हो सकती है।
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प्रशासन के मुताबिक इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण दोनों में कमी आएगी। साथ ही टिकाऊ और हरित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हालांकि, लंबी दूरी और अंतरराज्यीय रूटों के संचालन के लिए हाल ही में 40 नई डीजल बसें भी शामिल की गई हैं। इसके बाद सीटीयू के कुल बेड़े की संख्या बढ़कर 657 हो गई है। इनमें 398 बसें स्थानीय रूटों पर और 259 बसें लंबी दूरी के मार्गों पर संचालित हो रही हैं। पहले चरण की 100 इलेक्ट्रिक बसों के लिए प्रशासन ने ऑपरेटर के साथ 61.80 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से समझौता किया है। इस मॉडल के तहत बसों की खरीद, रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी ऑपरेटर की होगी जबकि किराया व राजस्व संग्रह सीटीयू करेगा। नई 12 मीटर लंबी लो-फ्लोर एसी इलेक्ट्रिक बसें एक बार चार्ज होने पर करीब 224 किलोमीटर तक चल सकेंगी। बसों में वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लो-फ्लोर डिजाइन दिया गया है। वहीं दिव्यांग यात्रियों के लिए पावर ऑपरेटेड रैंप और इलेक्ट्रॉनिक नीलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
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