टूटा दस साल का रिकॉर्ड: 170 रेड में, 220 गिरफ्तार
साल 2022 की बात करें तो भ्रष्टाचार के मामलों का रिकॉर्ड टूटा है। कुल 170 ट्रैप के मामलों में 220 अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान छह करोड़ रुपये की राशि भी बरामद की गई है। इसके अलावा 66 जांच और विशेष चेकिंग पर मामले दर्ज किए। साल में कुल 246 केस दर्ज किए गए। यह पिछले दस साल में सबसे अधिक हैं। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो हरियाणा के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने यह जानकारी दी।
सबसे अधिक पुलिस कर्मी पकड़े
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा 2 इंस्पेक्टर एसएचओ, राजस्थान पुलिस के एक सेवानिवृत्त डीएसपी और करनाल में एमवीओ के रूप में कार्यरत एक अन्य इंस्पेक्टर सहित 46 पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया। राजस्व विभाग के 33 अधिकारी, बिजली निगमों के 24, शहरी स्थानीय निकायों के 14, खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के 5, परिवहन के 5, शिक्षा विभाग के 4, आबकारी व कराधान के 3, सहकारिता के 3, हरियाणा खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के 3, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के 3, बागवानी के 3, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के 3, स्वास्थ्य के 2, एचएसवीपी के 2, खनन और भूविज्ञान के 2, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 2, सामाजिक न्याय विभाग 2, सिंचाई के 2, वन के 2 और पशुपालन एवं डेयरी, रोजगार, मत्स्य पालन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, गृह रक्षक, हाउसिंग बोर्ड, एचपीएचसी, उद्योग और वाणिज्य, श्रम निर्माण कल्याण, जेल, पंचायती राज, अभियोजन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, कोषागार और लेखा तथा वक्फ बोर्ड जैसे 15 अन्य विभागों के कर्मचारियों को अलग-अलग मामलों में 5,000 रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।