चंडीगढ़। सेक्टर-1 के चंडीगढ़ क्लब पर चंडीगढ़ प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। एस्टेट ऑफिसर-कम-डीसी निशांत कुमार यादव ने क्लब प्रबंधन को आदेश दिए हैं कि 25 अक्तूबर तक क्लब के अंदर और बाहर की सभी बिल्डिंग वॉयलेशन हटाई जाएं। तय समय सीमा तक कार्रवाई न होने पर इस बार बुलडोजर सीधे क्लब के अंदर चलेगा।
हाल ही में क्लब की ओर से पांच एकड़ सरकारी जमीन पर गैर कानूनी तरीके से शेड और किचन बनाने का मामला सामने आया था। अब प्रशासन की रिपोर्ट में सामने आया है कि क्लब की 8.5 एकड़ लीज वाली जमीन पर भी 32 अवैध स्ट्रक्चर खड़े किए गए हैं। इनमें रेस्टोरेंट, हॉल, किचन, मैरेज पैलेस, बार और ऑफिस में किए गए बदलाव शामिल हैं।
वॉयलेशन हटाए बिना नई लीज नहीं
क्लब की लीज डीड 2022 में खत्म हो चुकी है। प्रशासन ने कहा है कि जब तक वॉयलेशन नहीं हटाए जाते और संशोधित नक्शा बिल्डिंग ब्रांच व एसडीओ को पास नहीं कराया जाता तब तक नई लीज डीड एग्जीक्यूट नहीं होगी।
1958 में बना था क्लब, 8300 सदस्य
चंडीगढ़ क्लब 1958 में बना था और इस समय इसके लगभग 8300 सदस्य हैं। पहले क्लब प्रशासन महज 1.73 लाख रुपये प्रतिमाह यानी 20.76 लाख रुपये सालाना लीज देता था। 2018 में इसे बढ़ाकर 92 लाख रुपये वार्षिक कर दिया गया और यह भी तय हुआ कि क्लब में होने वाले निजी फंक्शन की कमाई का 25% प्रशासन को दिया जाएगा।