अमृतसर के श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 309 यात्री इंग्लैड के हीथ्रो हवाई अड्डे के लिए शुक्रवार को रवाना हुए। कड़ी धूप में इन यात्रियों को विदा करने आए परिजनों को कई घंटे टर्मिनल के बाहर इंतजार करना पड़ा। अपनी बहन को हवाई अड्डे छोड़ने आए नवांशहर के गुरप्रताप सिंह पट्टी ने बताया कि उनकी बहन 3 मार्च को लंदन से आई थी। उसकी वापसी 2 अप्रैल को थी।
टिकट बुक थी लेकिन लॉकडाउन के कारण हवाई मार्ग बंद हो गए। टिकट भी रद्द हो गई। अब उसे डेढ़ लाख रुपये में दोबारा टिकट खरीदनी पड़ी। लंदन जाने के लिए बहुत भीड़ है, इसलिए हवाई कंपनियों ने टिकट महंगी कर दी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि लंदन जाने वाले उड़ानों की संख्या बढ़ाई जाए। गर्मी शुरू हो चुकी है। इंग्लैंड के वातावरण में रहने के आदी बच्चों को पंजाब की उमस भरी गर्मी परेशान कर रही है।
यात्री नरिंदर सिंह ने बताया कि है उनके चाचा-चाची ने लंदन के लिए पौने दो-दो लाख की टिकट खरीदी है। एयरलाइंस कंपनियां यात्रियों को उड़ान भरने से छह से आठ घंटे पहले हवाई अड्डे पहुंचने के निर्देश दे रही हैं। गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों के साथ टर्मिनल के बाहर खड़ा रहना बहुत मुश्किल है। टर्मिनल में पानी का प्रबंध नहीं है।
हवाई अड्डे के प्रबंधकों को बच्चों के टर्मिनल के भीतर बैठने की व्यवस्था करनी चाहिए। टर्मिनल में जाने से पहले एंट्री गेट पर लगने वाली लंबी लाइन के कारण महिला यात्रियों और छोटे बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। फिरोजपुर से अपनी बुआ व मामा को हवाई अड्डे छोड़ने आए अर्शदीप ने कहा कि बुजुर्गों को उस समय व्हीलचेयर उपलब्ध करवाई गई, जब प्रबंधकों ने टर्मिनल के भीतर आने की घोषणा की।
बुजुर्गों को टर्मिनल के एंट्री प्वाइंट तक पहुंचने में दो घंटे से अधिक का समय लगा। हवाई अड्डे के प्रबंधकों को यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए। वहीं सांसद गुरजीत सिंह औजला ने हवाई अड्डे का दौरा किया। उन्होंने हवाई अड्डे के अधिकारियों के साथ बैठक कर विदेश से आने वाले पंजाबियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर चर्चा की।