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कइयों की जान बचाने वाला ये शख्स हार गया जिंदगी की लड़ाई, दिलचस्प इंसान था

Tue, 14 Mar 2017 05:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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304 बार रक्तदान कर चुका गबरुद्दीन छोड़ गया दुनिया
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कइयों की जान बचाने वाला ये शख्स 76 साल की उम्र में खुद जिंदगी की लड़ाई हार गया। ये काफी दिलचस्प इंसान था और जिंदादिली के लिए चर्चित था। रक्तदान के लिए प्रदेश भर में चर्चित रहे रक्तदाता गबरूद्दीन का रविवार को निधन हो गया। वह 76 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार थे। मूलरूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के गांव मांड किताबो निवासी गबरूद्दीन करीब 40 साल से सोनीपत के कबीरपुर में रह रहे थे।
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गबरूद्दीन रिकॉर्ड 304 बार रक्तदान कर चुके थे। साथ ही उन्होंने एक जरूरतमंद को अपनी किडनी भी दान कर दी थी। उत्तर प्रदेश से सोनीपत आने के बाद उन्होंने भैंसा-बुग्गी चलाकर मजदूरी की। बाद में बिस्कुट बनाने का व्यवसाय किया। गबरूद्दीन वर्ष 1965 से रक्तदान करते आ रहे थे। इस पुनीत कार्य के लिए उन्हें 36 बार सम्मानित किया गया।

उनको सम्मानित करने वालों में पूर्व उप प्रधानमंत्री स्व. देवीलाल, पूर्व मुख्यमंत्री हुकम सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला तथा हरियाणा के पूर्व राज्यपाल धनिकलाल मंडल के नाम प्रमुख हैं।
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पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से हुए थे प्रेरित
गबरूद्दीन कहा करते थे कि भारत-पाक युद्ध के दौरान 1965 में एक दिन शाम के समय उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री  लाल बहादुर शास्त्री का राष्ट्र के नाम संदेश सुना था, जो आकाशवाणी से प्रसारित किया गया था। इस संदेश में शास्त्री जी ने जनता से रक्तदान करने की अपील की थी। इस संदेश से प्रेरित होकर गबरूद्दीन ने 1965 में पहली बार रक्तदान किया।

इसके बाद तो उनके जीवन की दिशा ही बदल गई। यह जानते हुए भी कि तीन माह के दौरान दूसरी बार रक्तदान करना खतरनाक सिद्ध हो सकता है, गबरूद्दीन ने जरूरत पड़ने पर दिन में 2-2 बार भी रक्तदान किया। उन्होंने स्व. प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन पर 14 नवंबर 1998 को 141 वीं बार रक्तदान किया था।
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