पशुपालन विभाग में 3000 कर्मचारियों की भर्ती होगी। विभाग में अभी 30 प्रतिशत कर्मचारी हैं। यह कहना है कृषि और पशुपालन मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का। वे यहां एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जहां भी कर्मचारियों की कमी है, वहां डीसी रेट पर कर्मचारी लगाए जा रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया भी तेज की गई है। कर्मियों की कमी के कारण जनसेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है।
जेबीटी भर्ती प्रक्रिया पर धनखड़ ने कहा कि जेबीटी एक उलझा हुआ मामला है। फिर भी उसे सुलझाकर भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है। चयनीत अभ्यर्थियों को भर्ती किया जाएगा।
चयनित पटवारियों को ट्रेनिंग देने का काम शुरू कर दिया गया है। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए पुलिस को लगाया गया है। अब तक 24 लाइसेंस भी रद किए जा चुके हैं। कई के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करना केंद्र का काम
स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट लागू के सवाल पर धनखड़ ने कहा कि इसे लागू करना केंद्र सरकार का काम है। प्रदेश में चार एग्रोमॉल हैं, लेकिन कोई काम नहीं आ रहा है। किसानों के उत्पादन बेचने के लिए दुकानें नहीं है, जबकि किसानों को बेचे जाने वाले उत्पादनों की खूब दुकानें हैं। इन भवनों को किसानों के उपयोग लायक बनाया जाएगा।