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Chandigarh News: दिवाली के बाद 30 लोगों की आखें पटाखों से झुलसीं

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18 बच्चे और 12 वयस्क झुलसे, 17 खुद घायल हुए, 13 पटाखे देखते हुए बने शिकार
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माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। त्योहार की रोशनी के बीच पटाखों की चिंगारियों ने कई परिवारों की खुशियां फीकी कर दीं। दिवाली के बाद अगले 24 घंटे में कुल 30 लोग पटाखों से घायल होकर पीजीआई के एडवांस आई सेंटर पहुंचे। इनमें 27 पुरुष और 3 महिलाएं शामिल हैं। चिंताजनक बात यह रही कि 18 बच्चे इन हादसों के शिकार बने जबकि सबसे छोटा मरीज सिर्फ 5 साल का था और सबसे बड़ा 58 वर्ष का। जबकि दिवाली के दिन ये संख्या 26 थी। पीजीआई प्रशासन के अनुसार इस बार पटाखों से आखें झुलसने के बाद अस्पताल आने वालों की संख्या गत वर्षों की तुलना में ज्यादा है।
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सेंटर प्रमुख प्रोफेसर एसएस पांडव ने बताया कि 17 लोग खुद पटाखे फोड़ते समय घायल हुए। जबकि 13 देखने वाले लोग चपेट में आए। इनमें से 11 मरीज चंडीगढ़, 6 पंजाब, 5 हिमाचल प्रदेश, 5 हरियाणा और 3 उत्तर प्रदेश से थे। घायलों में 13 को क्लोज्ड ग्लोब इंजरी (सीजीआई) और 17 को ओपन ग्लोब इंजरी (आजीआई) हुई है। यानी कई मरीजों की आंखें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। 28 लोगों की एक आंख और 2 मरीजों की दोनों आंखें प्रभावित हुईं। प्रो. पांडव का कहना है कि अधिकतर झुलसने के मामले बम, रॉकेट और अन्य विस्फोटक पटाखों से सामने आए हैं। इस अवधि में गैर-दिवाली से संबंधित 13 मरीज भी इमरजेंसी में पहुंचे। इनमें 9 को सामान्य उपचार और 4 को सर्जरी की जरूरत पड़ी।
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