नानी से मिलने की जिद पर घर से निकले सवा तीन साल के एक बच्चे ने शनिवार सुबह पुलिस को मुश्किल में डाल दिया। बच्चा बीच अधर में नानी के घर का रास्ता भूल गया। इसी बीच उस पर एक राहगीर की नजर पड़ी, जो उसे थाना फेज-11 छोड़ गया।
इसके बाद पुलिस मुलाजिम बच्चे के परिजनों को ढूंढने के लिए गली-गली घूमते रहे। कई घंटे बाद पुलिस को आखिर में बच्चे की नानी भी रोती हुई मिली। पुलिस ने पूरी पड़ताल कर बच्चे को परिजनों को सौंप दिया।
राहगीर ने बच्चे को थाना पहुंचाया
गांब कंबाली निवासी सवा तीन वर्षीय जसदीप सिंह शनिवार सुबह नानी के घर जाने की जिद कर रहा था। उसकी नानी महिंदर कौर फेज-11 में रहती हैं। सुबह करीब 10 बजे वह चुपके से नानी के घर जाने वाली सड़क पर निकल पड़ा। इस बात का घरवालों को नहीं पता चला।
बच्चा जब फेज-11 स्थित बावा व्हाइट हाउस के पास पहुंचा, तो वह नानी के घर जाने वाली सड़क भूल गया। इस दौरान वह घबराकर जोर-जोर से रोने लगा। इसी बीच वहां से जा रहे बाइक सवार गुरप्रीत सिंह की नजर उस पर पड़ी।
गुरप्रीत सिंह ने बच्चे के रोने की वजह पूछी, लेकिन वह बता नहीं पाया। इसके बाद उसने बच्चे को साथ लगती दुकान से चॉकलेट लेकर दी। बच्चे को बड़ी मुश्किल से चुप करवाया। वह बच्चे को लेकर थाना फेज-11 पहुंचा। उसने पुलिस को बच्चे के बारे में पूरी बात बताई।
नानी भी रोती हुई सड़क पर मिली
थाने के एसएचओ नवीनपाल सिंह लहल ने तुरंत मुलाजिमों की टीमें बनाईं, जो बच्चे को उसके परिजनों से मिलवाने के लिए फेज-11 की छोटी-छोटी गलियों में कई घंटों घूमती रही। इस दौरान पुलिस मुलाजिमों को बच्चे की नानी महिंदर कौर रोते हुए मिलीं।
जब पुलिस वालों ने महिला से रोने की वजह पूछी, तो उसने पूरी कहानी पुलिस को बताई। इसके बाद बच्चे की मां अनु और पिता हरिंदर सिंह को मौके पर बुलाया गया। पूरी वेरिफिकेशन करने के बाद बच्चों को परिजनों को सौंपा गया।