पंजाब पुलिस ने तरनतारन से तीन बदमाशों को हथियारों के साथ गिरफ्तार कर एक बड़े नार्को-गैंगस्टर गठजोड़ का पर्दाफाश किया है। इनकी 532 किलो अटारी ड्रग मामले में तलाश थी। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने मंगलवार को बताया कि इन गैंगस्टरों के खिलाफ थाना भिखीविंड में एनडीपीएस एक्ट की धारा 27, आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54, 59, आईपीसी 188, 269, 270, 506 और आपदा प्रबंधन की धारा 51 बी के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
डीएसपी (डिटेक्टिव) और इंचार्ज (सीआईए) तरनतारन की टीम ने इन्हें गिरफ्तार किया। इनकी पहचान गुरप्रीत सिंह पुत्र जसवंत सिंह निवासी भिखीविंड, तरनतारन, सुखदेव सिंह पुत्र लखवीर सिंह निवासी गांव जीओनके, थाना हरीके और सरबजीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी भिखीविंड के रूप में हुई है। उनके पास से 12 बोर की दोनाली राइफल, एक 32 बोर की बैरेटा पिस्तौल, दो 32 बोर की पिस्तौल, एक 12 बोर की पिस्तौल और एक 315 बोर की पिस्तौल समेत चार कारतूस बरामद किए हैं।
जेलों में बंद गैंगस्टरों और नशा तस्करों से सीधा संपर्क
डीजीपी ने बताया कि गुरप्रीत सिंह से पूछताछ में पता लगा है कि वह शुभम के साथ सीधे संपर्क में था। शुभम बटाला का एक गैंगस्टर है और 2018 में अमृतसर में एक गहनों की दुकान से सात करोड़ रुपये की लूट के मामले में मुख्य आरोपी है। उसे 2019 में गिरफ्तार किया गया और इस समय वह केंद्रीय जेल अमृतसर में बंद है।
गुरप्रीत तरनतारन और फिरोजपुर के इलाकों में अपने साथियों को हथियार सप्लाई करता था। जांच में पता चला है कि गुरप्रीत, कुलदीप सिंह उर्फ बब्बू पुत्र हरभजन सिंह निवासी सराए अमानत खान, तरनतारन से सीधे संपर्क में था। बब्बू रणजीत राणा का भाई है। रणजीत अटारी में जब्त की गई गई 532 किलो हेरोइन केस का मुख्य आरोपी है। हाल ही में पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।