अरिहंत स्पिनिंग मिल के वर्करों का कहना था कि मिल प्रबंधक उनकी कटौती करके तनख्वाह दे रहे हैं और मिल के अंदर दुकानों से महंगे भाव पर राशन, सब्जियां वगैरह मिलती हैं। वहीं, मिल के एचआर मैनेजर राजकुमार ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि मिल में करीब 1350 वर्कर काम करते हैं।
लॉकडाउन/कर्फ्यू के दौरान मिल के बंद होने के बावजूद भी मिल प्रबंधक इनकी जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ डॉक्टरी सहायता भी मुहैया करवा रहे हैं। किसी की भी तनख्वाह में कटौती नहीं की गई। प्रशासन से मंजूरी लेकर कुछ शर्तों के अंतर्गत 11 अप्रैल से मिल चलाई गई और वर्करों को काम के लिए बुलाया गया था। जो वर्कर काम से गैरहाजिर रहे हैं, वह अब अनावश्यक समस्या खड़ी कर रहे हैं। वहीं, मंगलवार को भी मिल में माहौल तनावपूर्ण रहा। मिल के अंदर भारी तादाद में पुलिस और फायरब्रिगेड कर्मचारी गाड़ी के साथ तैनात रहे।