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मोहाली में कुलवंत सिंह के बाद अकाली दल के 28 नेताओं ने पार्टी को कहा अलविदा

Sun, 17 Jan 2021 11:36 AM IST
ajay kumar अमित शर्मा, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
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अकाली नेताओं ने भेजा त्यागपत्र।
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मोहाली में अकाली दल के अंदर ही सियासत चरम पर है। कुलवंत सिंह को पार्टी से निकालने के बाद अब उनके समर्थन में चुनाव लड़ने का एलान कर चुके 28 अकाली नेताओ ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा भेज दिया है। इन नेताओं में अकाली दल के पूर्व पार्षद, जिला कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य शामिल हैं। इसके साथ ही यह भी साफ हो गया है कि अब दोबारा कुलवंत सिंह की अगुवाई में आजाद ग्रुप बनेगा। वरिष्ठ अकाली नेता सुखदेव सिंह पटवारी ने त्यागपत्र की पुष्टि की है। वहीं, अकाली नेताओं का कहना है कि अभी तक पार्टी को कोई पत्र नहीं मिला है।

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शनिवार को अकाली दल ने वरिष्ठ पार्टी नेता कुलवंत सिंह को पार्टी से पांच साल के लिए बर्खास्त कर दिया था। जिसके बाद उनकी अगुवाई में चुनाव लड़ने का एलान कर चुके पूर्व पार्षदों एवं अकाली नेताओं ने बैठक की। बैठक में अकाली दल को छोड़ने का निर्णय लिया गया। साथ ही एक सामूहिक पत्र लिखकर पार्टी हाईकमान को भेज दिया गया है। पार्टी छोड़ने वालों में वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इन नेताओं के पार्टी छोड़ने की घोषणा को मोहाली में अकाली दल के लिए बड़े नुकसान के तौर पर देखा जा रहा है। 

वहीं अब यह सीधा माना जा रहा है कि इस बार नगर निगम चुनाव में मुकाबला पांच कोणीय होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि ये दिग्गज नेता एक नए मोर्चा का गठन करेंगे। हालांकि निगम चुनाव में फायदा किसका होगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि यह मोर्चा सभी दलों की राजनीतिक को प्रभावित करेगा।
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बता दें कि 2015 में हुए निगम चुनाव में अकाली दल से बगावत कर कुलवंत सिंह ने आजाद ग्रुप का गठन किया था। भाजपा और अकाली दल  ने मिलकर निगम चुनाव लड़ा था। अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 23 सीटें मिली थीं। जबकि कुलवंत के आजाद ग्रुप ने 11 सीटों पर जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने 14 और दो सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे। सबसे ज्यादा सीटे जीतने के बावजूद अकाली-भाजपा गठनबंधन अपना मेयर नहीं बना पाया। जबकि कुलवंत ने कांग्रेस के साथ मिलकर मेयर की कुर्सी अपने नाम कर ली। हालांकि बाद में वह अकाली दल में शामिल हो गए थे।

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