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बिछ गई बिसात: पंजाब में तेरह सीटों पर 328 में से सिर्फ 26 महिला उम्मीदवार, पीएचडी से लेकर डॉक्टर तक मैदान में

Sat, 18 May 2024 03:51 PM IST
निवेदिता वर्मा विशाल पाठक, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में नामांकन पत्र वापस लेने के आखिरी दिन शुक्रवार तक कुल 25 उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस लिए। पंजाब में इस बार 598 नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नामांकनों की जांच पड़ताल के बाद और पत्र वापसी के बाद कुल उम्मीदवारों की गिनती 328 रह गई है। पंजाब में एक जून को मतदान है।
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पंजाब लोकसभा चुनाव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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2024 के लोकसभा चुनाव में पंजाब की 13 सीटों पर कुल 328 प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। इन 328 प्रत्याशियों में से 302 पुरुष और सिर्फ 26 महिला उम्मीदवार हैं। इन 26 महिला प्रत्याशी में से केवल छह महिलाओं को प्रमुख राजनीतिक दलों ने उम्मीदवार बनाकर मैदान में उतारा है।
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खडूर साहिब और फिरोजपुर सीट ऐसी है, जहां से एक भी महिला प्रत्याशी नहीं है। अमृतसर से सबसे ज्यादा चार महिलाएं चुनाव लड़ रहीं हैं। इसी तरह लुधियाना से 41 पुरुष मैदान में हैं। कुल 328 प्रत्याशियों में पीएचडी से लेकर डॉक्टर तक मैदान में है। इसके अलावा 18 दागी भी हैं।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि बीते दो लोकसभा चुनाव 2014 और 2019 के मुकाबले इस बार सबसे ज्यादा प्रत्याशी मैदान में उतरे हैं। लुधियाना में सबसे अधिक 43 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में 253 और 2019 में कुल 278 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था।
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पंजाब के चुनावी रण में उतरे कई कैंडिडेट ऐसे हैं, जो काफी पढ़े-लिखे भी हैं। इसमें जालंधर से कांग्रेस प्रत्याशी चरणजीत सिंह चन्नी और आनंदपुर से भाजपा के सुभाष शर्मा पीएचडी होल्डर हैं। आम आदमी पार्टी के मंत्री डाॅ. बलबीर सिंह, डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, कांग्रेस से डॉ. धर्मवीर गांधी और शिअद के डॉ दलजीत सिंह चीमा एमबीबीएस हैं। कई नेता वकालत के माहिर हैं, इनमें शिअद के मोहिंदर केपी, आप के मलविंदर कंग और इकबाल झूंदा के नाम शामिल हैं। चार प्रमुख दल आप, कांग्रेस, भाजपा और शिअद के कुल 52 नेता मैदान में हैं। इन 52 प्रमुख चेहरों में से 18 नेता ऐसे हैं, जिन पर केस दर्ज है। अधिकतर नेताओं पर कोर्ट में केस विचाराधीन हैं। कई नेता ऐसे भी हैं, जिन पर ईडी और एनडीपीएस के केस दर्ज हैं। खडूर साहिब से निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ रहे डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह पर कुल 11 केस दर्ज हैं, इनमें से 10 केस पंजाब में और एक असम में दर्ज है। यहां तक की अमृतपाल पर एनएसए लगी हुई है, अन्य किसी भी प्रत्याशी पर इस एक्ट के तहत मामला नहीं चल रहा है।

किस लोकसभा हलके से कितने उम्मीदवार
हलका                     कुल उम्मीदवार               पुरुष      महिला
गुरदासपुर- 26- 23- 3
अमृतसर- 30- 26- 4
खडूर साहिब- 27- 27- 0
जालंधर- 20- 17- 3
होशियारपुर- 16- 14- 2
आनंदपुर साहिब- 28- 26- 2
लुधियाना- 43- 41- 2
फतेहगढ़ साहिब- 14- 13- 1
फरीदकोट- 28- 26- 2
फिरोजपुर- 29- 29- 0
बठिंडा- 18- 15- 3
संगरूर- 23- 22- 1
पटियाला- 26- 23- 3

हरसिमरत और खैरा सबसे अमीर
चारों प्रमुख दल के 52 उम्मीदवारों में से सबसे अमीर प्रत्याशी बठिंडा से हरसिमरत कौर बादल हैं। उनके पास 51.58 करोड़ की संपत्ति है। उनके बाद कांग्रेस से संगरूर सीट पर प्रत्याशी सुखपाल खैरा दूसरे अमीर प्रत्याशी हैं, उनकी कुल संपत्ति 45.09 करोड़ रुपये हैं। सबसे कम संपत्ति कांग्रेस की होशियारपुर सीट से प्रत्याशी यामिनी गोमर की है, उनके पास 2.35 लाख रुपये की कुल संपत्ति है।

प्रमुख दलों के 10 चेहरे दल बदलकर उतरे
आप, कांग्रेस, भाजपा और शिअद के अलावा कई नेता बसपा, टीएमसी व अन्य पार्टी से भी हैं जो इस बार प्रमुख दलों की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे 52 में से 10 चेहरे हैं। जालंधर में सुशील कुमार रिंकू आप छोड़कर इस बार भाजपा से चुनाव लड़ रहे हैं। जालंधर में पवन कुमार टीनू शिअद छोड़कर आप से, जालंधर में ही मोहिंदर सिंह केपी कांग्रेस छोड़कर शिअद से, पटियाला में डॉ. धर्मवीर गांधी अपनी पार्टी छोड़कर कांग्रेस से, फतेहगढ़ साहिब में गुरप्रीत सिंह जीपी कांग्रेस छोड़कर आप की टिकट पर, पटियाला में परनीत कौर कांग्रेस छोड़कर भाजपा से, होशियारपुर में डॉ. राज कुमार चब्बेवाल कांग्रेस छोड़कर आप से, होशियारपुर में यामिनी गोमर आप छोड़कर कांग्रेस से, लुधियाना में रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस छोड़कर भाजपा से और फतेहगढ़ साहिब में गेजा राम वाल्मीकि कांग्रेस छोड़कर भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरे हैं।

पोलिंग स्टेशनों के 100 मीटर के अंदर प्रचार करने की सख्त मनाही
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना आगामी लिखित मंजूरी के लाउड स्पीकरों के प्रयोग पर पाबंदी लगाई गई है और स्थानीय ट्रैफिक नियमों की पालना करने के लिए भी कहा गया है। उन्होंने चुनाव प्रचार में लगे सभी राजनीतिक वर्करों को बैज या पहचान-पत्र दिखाने और चुनाव प्रचार के दौरान और मतदान वाले दिन वाहन संबंधी नियमों की पूरी तरह पालना करने के लिए कहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि वोटरों को जारी की गैर-अधिकारित पहचान पर्ची सादे (सफेद) कागज पर होनी चाहिए और इसमें पार्टी का कोई चिह्न और नाम या उम्मीदवार का नाम नहीं होना चाहिए। उन्होंने हलके से बाहर के वोटरों और उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार की समाप्ति वाले दिन के बाद हलका छोड़ने की अपील की है। रिश्वतखोरी और वोटरों पर किसी भी तरीके का प्रभाव और अन्य चुनाव अपराध, जैसे कि पोलिंग स्टेशनों के 100 मीटर के अंदर प्रचार करने की सख्त मनाही है। निजी रिहायशों के बाहर प्रदर्शन या धरना लगाना भी निषेध है और राजनीतिक मीटिंगों में किसी भी विघ्न विरुद्ध पुलिस की मदद लेनी चाहिए। जन प्रतिनिधित्व एक्ट 1951 की धारा 127 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक मीटिंगों में माहौल को बिगाड़ता है, वह छह महीने की कैद, दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों सजा के योग्य हो सकता है।
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