-भूमि अधिग्रहण के खिलाफ दाखिल की गई याचिका को हाईकोर्ट ने किया सिरे से खारिज
कहा-जिस प्रकार मंडी जनहित से जुड़ा कार्य पूरा करती है, वैसे ही स्कूल का संचालन भी जनहित में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मंडी निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि पर स्कूल का निर्माण होने की दलील देते हुए भूमि को अधिग्रहण मुक्त करने की मांग वाली याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए याची पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस प्रकार मंडी जनहित के लिए है, उसी प्रकार स्कूल भी जनहित का उद्देश्य पूरा करता है।
पानीपत निवासी अशोक कुमार बंसल ने याचिका दाखिल करते हुए बताया था कि उनकी भूमि का 1978 में हरियाणा सरकार ने अधिग्रहण किया था। याची ने कहा कि अधिग्रहण मंडी बनाने के लिए किया गया था, जबकि वहां पर मंडी के स्थान पर स्कूल की इमारत बना दी गई है। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि एक इमारत भी स्कूल जाने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए काम आती है, इसलिए यह सार्वजनिक हित और सार्वजनिक उद्देश्य के लिए है। याची की यह दलील स्वीकार नहीं की जा सकती कि मंडी के स्थान पर स्कूल का निर्माण सार्वजनिक हित में नहीं है। ऐसे में भूमि को अधिग्रहण मुक्त करने का आदेश जारी नहीं किया जा सकता। साथ ही आधारहीन याचिका दाखिल करने पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।