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अंबालाः मर्सी होम से रेसक्यू किए गए 25 बच्चे, धर्म बदलकर नाम के आगे जोड़ दिया गया ‘मसीह’

Thu, 22 Nov 2018 04:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला कैंट(हरियाणा)
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मर्सी होम से रेसक्यू ऑपरेशन
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अनाथ बच्चों के लिए बनाए गए मर्सी होम अंबाला से 25 बच्चों का रेस्क्यू किया गया। आरोप है कि बच्चों का धर्म परिवर्तन कराकर नाम के साथ मसीह जोड़ दिया गया था। ऐसी ही कई अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी बलजीत कौर के नेतृत्व में टीम ने 25 बच्चों को रेसक्यू किया। कलरहेड़ी स्थित मर्सी होम में पुलिस, डीसीपीओ और सीडब्ल्यूसी की संयुक्त टीम ने यहां से बच्चों को रेसक्यू कराया।
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मर्सी होम के संचालकों ने इसका विरोध जताया, मगर पुलिस के आगे उनकी नहीं चली। इसी बीच अधिकारी बलजीत कौर ने बताया कि जांच के दौरान कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनसे पता चला है कि बच्चों का धर्म परिवर्तन किया गया है। आरोप है कि बच्चों के नाम के आगे ‘मसीह’ शब्द जोड़ा गया। इतना ही नहीं उन्होंने संचालकों पर बच्चों का ब्रेन वॉश करने के भी आरोप लगाए, क्योंकि बच्चे टीम का विरोध जता रहे थे और एक छोटी बच्ची ने तो चाकू से एक पुलिस कर्मी पर वार करने की भी कोशिश की।

बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था मर्सी होम

मर्सी होम से रेसक्यू ऑपरेशन
कैंट सिविल अस्पताल में शाम को तीन से 16 आयु वर्ग की 13 बच्चियां व चार से 17 आयु वर्ग के 12 लड़कों का मेडिकल कराकर उन्हें पंचकूला और यमुनानगर के शेल्टर होम में भेजा गया है। उधर, मर्सी होम संचालक डॉ. फिलीप लाल मसीह ने टीम की इस कार्रवाई का विरोध जताया और आरोप लगाया कि उन्होंने सीडब्ल्यूसी और डीसीपीओ को एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन रिन्यू करने के लिए आवेदन किया है और सभी दस्तावेज विभाग को दिए हैं, मगर जानबूझकर उनकी फाइल को लटकाया गया है।

उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से मर्सी होम का संचालन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी सीडब्ल्यूसी टीम मर्सी होम से 9 बच्चों को रेसक्यू करके ले गई थी, इसके बारे में ज्ञापन गत दिनों डीसी को दिया गया और इसी के विरोध में अब यह कार्रवाई उनके खिलाफ की गई है।

जेजे एक्ट की उल्लंघना का आरोप  
जिला महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी बलजीत कौर ने कहा कि मर्सी होम में जेजे एक्ट की उल्लंघना की जा रही थी। यह बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था और यहां लड़के व लड़कियों को एक साथ रखा जा रहा था। नये आने वाले किसी भी बच्चे की जानकारी सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) को नहीं दी जा रही थी। 18 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को भी रखा जा रहा था, बच्चों का ब्रेन वॉश किया जा रहा था, उन्हें अलग-अलग स्थानों पर अधिकारियों को ज्ञापन देने तक ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि कई बच्चे यहां ऐसे रखे गए हैं जिनके माता-पिता हैं।
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टीम ने भी उड़ाई नियमों की धज्जियां

मर्सी होम से रेसक्यू ऑपरेशन
कार्रवाई के लिए मौके पर गई टीम ने भी नियमों की धज्जियां उड़ाईं। मर्सी होम से बच्चों को रेसक्यू करने के लिए वर्दी में पुलिस टीम गई और बच्चों को कैदियों की तरह पुलिस वैन में लाया गया। इससे बच्चे घबरा गए और जोर-जोर से रोने लगे। कई बच्चे मर्सी होम छोड़ना नहीं चाहते थे और वहीं रहने की जिद कर रहे थे।

मामले में डीसी ने एडीसी के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था, जिसमें विभिन्न विभाग शामिल थे। जांच में मर्सी होम में कई अनियमितताएं मिली हैं। यहां पर बच्चों का धर्म परिवर्तन करने संबंधी रिकॉर्ड भी मिला है, जोकि कब्जे में लिया गया है। सभी बच्चों के नाम के आगे ‘मसीह’ शब्द लगाया गया है। अनियमितताओं के चलते मर्सी होम का रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं किया गया है और यहां से बच्चों को रेसक्यू कर पंचकूला व यमुनानगर स्थित शेल्टर होम में ले जाया जा रहा है।
- बलजीत कौर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी, अंबाला
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