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पीयू सीनेट चुनाव की घोषणा के बाद 25 प्रत्याशी प्रचार-प्रसार में जुटे

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चंडीगढ़। बेशक पंजाब यूनिवर्सिटी ने सीनेट चुनाव की घोषणा कर दी है, लेकिन लोगों के जेहन में एक ही सवाल घूम रहा है कि चुनाव होगा या कार्यक्रम नाम का है। दूसरी ओर राजनीतिक पंडित बताते हैं कि इस बार सीनेट चुनाव होंगे। स्थगित जैसी कोई बात नहीं होगी। 25 प्रत्याशी प्रचार प्रसार में जुट गए हैं। कांग्रेस व भाजपा दोनों ही पक्षों के लोगों ने फोन से वोटरों को अपने पाले में करना शुरू कर दिया है।
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सीनेट की कुल 91 सीटों में से 32 सदस्यों का मनोनयन होता है। 15 सीटें स्नातक वर्ग के तहत भरी जाती हैं और दस सीटें कैंपस से। यह दस सीटें फैकल्टी, प्रोफेसर व असिस्टेंट कांस्टीट्यूएंसी की होती हैं। इन तीनों वर्ग से 25 प्रत्याशी मैदान में हैं। फैकल्टी से 12 प्रत्याशी मैदान में हैं जो सभी दिग्गज हैं। एकतरफा हार-जीत किसी की नहीं कही जा सकती। इसी तरह असिस्टेंट व एसोसिएट कांस्टीट्यूएंसी की दो सीटों के लिए सात प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं प्रोफेसर वर्ग से छह प्रत्याशी मैदान में हैं। जैसे ही चुनावों की घोषणा हुई तो प्रत्याशियों से लेकर अन्य शिक्षकों के मन में यही सवाल था कि वर्तमान में कोरोना चल रहा है। साथ ही उच्च स्तरीय कमेटी शासन सुधार पर काम कर रही है, ऐसे में चुनाव कैसे होंगे। कहीं मध्य में ही स्थगित न हो जाएं। इसका पता हर किसी ने अपने-अपने चहेतों से लगाने की कोशिश की। माना जा रहा है कि इस बार सीनेट चुनाव पीयू करवाएगी। हालांकि स्नातक वर्ग के चुनाव पर पेंच जरूर फंसेगा। दूसरे राज्य अड़ंगा लगा सकते हैं।
इनसेट
बेहतर रणनीति से ही मार सकेंगे मैदान
कांग्रेस व भाजपा ने अपने-अपने चेहरे पहले ही मैदान में उतार दिए थे, लेकिन चुनाव स्थगित होने के कारण प्रचार-प्रसार नहीं हो सका। अब चुनावी कार्यक्रम के बाद बुधवार को कांग्रेस व भाजपा के दिग्गज चुनाव जीतने के लिए रणनीति बनाने में जुटे रहे। जानकारों का कहना है कि इस बार वोटर इधर-उधर भी हो सकते हैं, क्योंकि उच्च स्तरीय कमेटी की सिफारिशों के अनुसार ही आगे निर्णय होंगे। ऐसे में कोई भी व्यक्ति बहुमत की तरफ ही कदम बढ़ा सकता है। हालांकि जो बेस वोटर, जिस ग्रुप के हैं, वह वहीं रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि भाजपा व कांग्रेस कुछ सीटों पर आपसी सहमति पर भी सदस्य बना सकती हैं।
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