कृष्ण ने बताया कि इसके कुछ देर बाद जब वहां पहुंचा तो सुमित लहूलुहान हालत में मिला। जब तक परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचते, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी वहां से फरार हो चुका था।
कृष्ण ने देखा तो वेदपाल घसीट रहा था शव
कृष्ण ने बताया कि छह बजे जब वह दोबारा से वेदपाल के कुएं पर पहुंचा तो सुमित के कपड़े खून से लथपथ थे और वह अचेत था। वहीं, उसके भतीजे वेदपाल के कपड़ों पर भी खून लगा हुआ था और वह सुमित को घसीट रहा था। कृष्ण ने बताया कि उसे देखकर वेदपाल सुमित को वहीं छोड़कर भाग गया। इसके बाद उसने ज्ञानीराम के बेटे दलबीर को मौके पर बुलाया।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
मामले की सूचना मिलते ही अटेला कलां चौकी टीम के अलावा बाढ़डा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। मामले की जानकारी डीएसपी अनिल कुमार को भी दी गई। पुलिस के अनुसार सुमित की हत्या सिर में पत्थर से वार करके किए गए हैं। बाढ़डा थाना पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम को भी बुलाया। टीम ने मृतक के शरीर पर लगी चोटों और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ इस पर संशय अभी बरकरार है।