पीड़ित ने उक्त वीडियो को दिखाने की बात कही तो आरोपी ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर अन्य मोबाइल से एक वीडियो क्लीप उसे दिखा दी। जिसमें उनके जैसा ही एक व्यक्ति अश्लील स्थिति में दिखाई दे रहा था। ऐसे में पीड़ित ने आरोपी गौरव से वीडियो मांगी तो उसने इस मामल की जांच की बात कही। ऐसे में आरोपी ने उस वीडियो को यूट्यूब से डिलीट करवाने के लिए यूट्यूब अधिकारियों से बातचीत करने को कहा और एक अन्य व्यक्ति का नंबर दिया, जिसका नाम राहुल शर्मा बताया।
पीड़ित ने राहुल से बात की तो उसने यूट्यूब से वीडियो डिलीट करवाने के खातिर 31,500 रुपये की फीस लगने की बात कही और वह फीस खाते में डलवाने के बाद उसकी रसीद व्हाट्सएप पर भेजने को कहा। ऐसे में उसने आरोपी के कहे अनुसार रुपये आरटीजीएस के माध्यम से उसके खाते में डलवा दिया।
पीड़ित ने बताया कि इसके कुछ समय बाद उसके पास राहुल का फोन आया और उसने कहा कि उसकी चार अन्य वीडियो भी यूट्यूब पर अपलोड हैं। इन्हें डिलीट करने के लिए 1.26 लाख रुपये की फीस जमा करवानी होगी। बेज्जती से बचने के लिए पीड़ित ने आरोपी के कहे अनुसार अन्य बैंक खाते से राशि जमा करवा दी। ऐसे में कुछ समय बाद फिर से आरोपी राहुल ने उसे फोन कर सूचना दी कि उसकी वीडियो इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप से भी डिलीट करवानी होगी। उसे 2.51 लाख रुपये फीस अलग से देनी होगी।
इसके बाद पीड़ित ने उसके कहे अनुसार वह राशि भी जमा करवा दी। वहीं उसने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी गौरव का उसके पास दोबारा से फोन आया और उसने एसपी से बात करवाने का कहा। एसपी बने व्यक्ति ने मामले को रफादफा करने के लिए पांच लाख रुपये की मांग की। ऐसे में उसने गौरव के कहे अनुसार पांच लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से जमा करवा दिए। बाद में आरोपी ने कहा कि मामले की शिकायत देने वाले एक युवक को उनकी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है और वीडियो में जो लड़की है उसे अरेस्ट करने के लिए पुलिस टीम मौके पर जा रही है।
आरोपी बोला- लड़की ने कर ली आत्महत्या, डॉक्टर, मीडिया और लड़की के घरवालों को देने होंगे 20 लाख
वहीं पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी ने 17 अगस्त को दोबारा से उसको फोन किया और कहा कि वह जिस लड़की की बात कर रहे थे, उस लड़की ने आत्महत्या कर ली है। इसके बाद अब उसके परिवार, मीडिया और डॉक्टर को सेट करने के लिए 20 लाख रुपये लगेंगे। वहीं पीड़ित ने बताया कि जब उसने राशि देने से इंकार कर दिया तो उक्त आरोपी गौरव ने कहा कि अब तक जो भी राशि उसने ले रखी थी वह उसे वापस कर देगा और मामले की सीबीआई जांच का वारंट निकलवा देगा और उसे शव की फोटो भेजकर डराने का प्रयास किया और उसके घर पर मीडिया को भेजने की धमकी भी दी।
इसके बाद पीड़ित ने डर के मारे 15 लाख रुपये की राशि आरोपी के अकाउंट में ट्रांसफर करवा दी। इसके बाद उक्त आरोपी ने उसका नाम सीबीआई के जांच पत्र से निकवाने की बात कह उसे पत्र का फोटो भेजा। प्रिंसिपल ने जब उसमें स्पेलिंग गल देखी तो पूरा मामला खुला। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर सेल थाना में दी है। पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी।