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24 घंटे पानी मिलने का रास्ता साफ: सिरे चढ़ेगी चंडीगढ़ की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना, एएफडी के साथ समझौता जल्द

Thu, 15 Sep 2022 02:09 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

परियोजना की निगरानी स्काडा प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। कर्मचारी 24 घंटे 7 दिन जलापूर्ति के पूरे नेटवर्क पर नजर रखेंगे। यह न केवल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की निगरानी करेगा बल्कि पानी के मीटर और किसी अन्य आपराधिक या शरारती तत्वों को हरकतों पर भी नजर रखेगा।
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पेयजल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ की सबसे महत्वपूर्ण परियोजना लगभग सिरे चढ़ने को है। दिल्ली में आर्थिक मामलों के विभाग और एजेंसी फ्रांस द डेवलपमेंट (एएफडी) के बीच 24 घंटे 7 दिन पेयजल आपूर्ति के लिए समझौता हो गया है। अगले चरण में इसी माह एएफडी का चंडीगढ़ के साथ भी समझौता हो जाएगा।

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स्मार्ट सिटी परियोजना की मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनिंदिता मित्रा ने बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य चंडीगढ़ के तेजी से घट रहे भूजल को बचाना है। यह समस्या चिंता का प्रमुख कारण बनती जा रही है। भूजल की स्थिति की समय समय पर निगरानी की जाती है। विशेष रूप से शहर के दक्षिणी क्षेत्र में यह समस्या विकराल रूप ले रही है। केंद्रीय भूजल बोर्ड और नगर निगम के अधिकारी स्थिति का जायजा लेने के लिए लगातार बैठक भी करते रहते हैं। 24 घंटे 7 दिन की जल परियोजना धरातल पर आने के बाद शहर में कम से कम 2050 तक पर्याप्त पानी की आपूर्ति होगी जिससे लोगों को बिना किसी रुकावट के 24 घंटे पानी की आपूर्ति हो सकेगी। संभव है 26 सितंबर तक इस योजना के लिए एएफडी के साथ चंडीगढ़ का भी अनुबंध हो जाएगा। इस व्यवस्था के लिए निगम ने पहले ही इच्छुक लोगों से आवेदन मंगवा लिए हैं जिसमें 17 लोगों ने रुचि दिखाई है।

स्काडा सिस्टम से होगी योजना की निगरानी

परियोजना की निगरानी स्काडा प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। कर्मचारी 24 घंटे 7 दिन जलापूर्ति के पूरे नेटवर्क पर नजर रखेंगे। यह न केवल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की निगरानी करेगा बल्कि पानी के मीटर और किसी अन्य आपराधिक या शरारती तत्वों को हरकतों पर भी नजर रखेगा। आयुक्त ने कहा कि गंदे पानी की समस्या भी इस व्यवस्था से पूरी तरह खत्म हो जाएगी। वहीं इससे मशीनों की ऊर्जा दक्षता भी बेहतर होगी और पानी बचाने में मदद मिलेगी।

यह है योजना

योजना के लिए 100 करोड़ की ग्रांट यूरोपियन यूनियन से मिल रही है जो चंडीगढ़ को नहीं लौटानी है। वहीं, 60 करोड़ स्मार्ट सिटी व 20 करोड़ नगर निगम दे रहा है। इसके अलावा एएफडी से कर्ज मिलेगा। यह प्रोजेक्ट 591 करोड़ का है। योजना शुरू होने के बाद नगर निगम एएफडी को कर्ज वापस करेगा। इस योजना से महिलाओं के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके लिए लोगों को जागरूक करने के साथ पुनर्वास कॉलोनियों में भी पानी की बेहतर आपूर्ति की जाएगी।

यह होगा सुधार

  • 269 किलोमीटर तक डलेगी नई पाइप लाइन
  • पानी के प्रेशर में होगा सुधार
  • पुरानी मशीनों को बदला जाएगा
  • 4 कॉलोनी और पुनर्वास कॉलोनी तक पहुंचेगा पानी
  • राजस्व बढ़ेगा
  • स्मार्ट मीटर लगेंगे जो स्काडा से मॉनिटर होंगे
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