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स्पेशल रिपोर्ट: हरियाणा की 23 फीसदी आबादी धूम्रपान के शिकंजे में

Sat, 16 Dec 2017 01:48 PM IST
सर्वेश कुमार/अमर उजाला, पंचकूला(हरियाणा)
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सिगरेट - फोटो : getty images
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हरियाणा के 23 फीसदी आबादी (40 लाख से अधिक लोग) किसी न किसी रूप में तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल कर रही है। इससे सेहत को होने वाले नुकसान को देखते हुए नगर निगम ने जेनरेशन सेवियर एसोसिएशन के सहयोग से नई पहल करने का फैसला लिया है। इसके तहत शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तो नियमों की अनदेखी करने वाले तंबाकू विक्रेताओं पर कार्रवाई भी की जाएगी। 
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ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे-2016-17 के मुताबिक हरियाणा की 23.06 फीसदी आबादी तंबाकू उत्पादों का सेवन कर रही है। इनमें धूम्रपान करने वालों की संख्या सर्वाधिक है, जिन्हें कैंसर सहित अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। 

नगर निगम पंचकूला के कमिश्नर राजेश जोगपाल ने बताया कि हरियाणा म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट की धारा 131 और कोटपा एक्ट के तहत तंबाकू उत्पादों की बिक्री के लिए ट्रेड लाइसेंस होना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर एक जनवरी से कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत जुर्माना या ट्रेड लाइसेंस कैंसिल करने का भी प्रस्ताव है। सर्वें का जिक्र करते हुए निगम आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में करीब 70 फीसदी लोग कहीं न कहीं धूम्रपान के कारण सेकेंड हैंड स्मोकर बन चुके हैं। खुद अगर धूम्रपान न भी करते हो फिर भी बीमारियों का खतरा उन पर भी मंडरा रहा है। 
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किशोरों को धूम्रपान के लिए उकसाने वालों पर भी होगी सख्ती 

स्मोकिंग - फोटो : SELF
किशोरों को धूम्रपान के लिए उकसाने वालों पर भी होगी सख्ती 
जेनरेशन सेवियर एसोसिएशन के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर विनय गांधी के मुताबिक विभिन्न एक्ट के तहत दूसरों को नुकसान पहुंचाने वालों पर शिकंजा कसने का नगर निगम सहित अन्य विभागों को भी अधिकार है। इस पहल से तंबाकू उत्पादों की बिक्री में कमी आएगी। 

निगम कमिश्नर राजेश जोगपाल के मुताबिक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट-131, कोटपा एक्ट के आलावा जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत भी विक्रेताओं या तंबाकू उत्पादों का सेवन करने के लिए 18 साल से कम उम्र के किशोरों को उकसाने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उन्हें सात साल की सजा या एक लाख रुपये तक का जुर्माना किया जा सकता है।

इस पहल के तहत शैक्षणिक संस्थाओं में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तो विक्रेताओं पर भी कानूनी प्रावधानों को लागू किया जाएगा। सार्वजनिक स्थलों पर भी 50 फीसदी से अधिक लोग तंबाकू उत्पादों से प्रभावित हैं, जिनमें धूम्रपान के शिकार सर्वाधिक हैं।
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