पीआरटीसी अपने बेड़े में 219 नई बसें शामिल करेगा। इस संबंध में मंगलवार को परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि नए रूट के लिए पीआरटीसी को और नई बसों की जरूरत थी, इस कारण पीआरटीसी के बेड़े में 219 साधारण नई बसें शामिल करने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंजूरी दे दी है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि पीआरटीसी में किलोमीटर स्कीम के तहत बसें चलाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है और टेंडर निकाला जा चुका है, जिसकी आखिरी तारीख दो अगस्त है। मंत्री ने बताया कि इसके तहत ऑपरेटर/ बस मालिक पीआरटीसी को पूर्ण रूप से नई बस मुहैया करवाएगा। बस के रखरखाव/ ड्राइवर/ इंश्योरेंस /लोन इत्यादि की जिम्मेदारी ऑपरेटर /बस मालिक की होगी, जिसके बदले में ऑपरेटर/ बस मालिक को टेंडर में आए कम-से-कम रेट के अनुसार तय किलोमीटर के आधार पर हर माह अदायगी की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पीआरटीसी की ओर से बस के लिए केवल कंडक्टर मुहैया करवाया जाएगा और बस से होने वाली आमदनी पीआरटीसी के खाते में जमा होगी। इन 219 बसों के साथ पीआरटीसी निर्धारित माइलेज पूरी करने में सफल होगा, जिससे न केवल लोगों को बेहतर सफर सुविधा मुहैया होगी और पीआरटीसी की आमदनी में इजाफा होगा। वहीं राज्य के नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
सरकारी वॉल्वो में बढ़ने लगीं सवारियां
पंजाब से दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक हाल ही में शुरू की गई नई वॉल्वो बस सेवा को अब सवारियां मिलने लगी हैं। एक माह से भी कम समय में अब तक इस बस सर्विस का लगभग 17500 सवारियों ने लाभ उठाया है। यह जानकारी मंगलवार को परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने दी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 15 जून को बस सेवा शुरू की थी। अब 25 दिन के अंदर पंजाब से दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के बीच चलने वाली वॉल्वो बस सेवा आम लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। मंत्री ने कहा कि पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की 20 वॉल्वो बसें रोजाना अमृतसर, पठानकोट, लुधियाना, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, पटियाला, नवांशहर, रोपड़, मोगा और चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नई दिल्ली तक चल रही हैं।
उन्होंने कहा कि निजी ट्रांसपोर्टरों के मुकाबले आधे से भी कम कीमतों पर बहुत थोड़े किराए में सस्ती, आरामदायक और आलीशान यात्रा की सुविधा दे रही इन वॉल्वो बसों ने निजी ट्रांसपोर्टरों का एकाधिकार खत्म करने का आधार बांध दिया है। बस काउंटरों पर टिकटों की बुकिंग के अलावा एयरपोर्ट जाने के इच्छुक यात्री ऑनलाइन बुकिंग का भी निरंतर लाभ ले रहे हैं।