उन्होंने कहा कि नंबरदार किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करें और जिन गांवों में आग लगाने के मामले सामने आते हैं, वहां नंबरदारों की जवाबदेही तय की जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि पराली जलाने को लेकर हॉट-स्पॉट्स पर ज्यादा फोकस किया जाए और जिन गांवों में बीते सालों के दौरान पराली को आग लगाने के मामले सामने आते रहे हैं, वहां प्रशासन ज्यादा चौकसी बरते। अधिकारी पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर द्वारा ऑप्टिकल सैटेलाइट डेटा विश्लेषण के जरिये हासिल क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करें।
इंचार्ज सचिवों की रिपोर्ट, कम हुए पराली जलाने के केस
जिलों का दौरा करके लौटे इंचार्ज सचिवों ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि राज्य में आग लगाने की घटनाओं में गिरावट पाई जा रही है। उन्होंने बताया कि 27 अक्तूबर 2021 तक पराली जलाने वाला क्षेत्रफल 400.35 हजार हेक्टेयर था, जो 26 अक्तूबर 2022 तक घटकर 295.60 हजार हेक्टेयर रह गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पराली न जलाने के बारे में जागरूकता फैलाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि ठेके पर दी गई सरकारी जमीनों पर पराली जलाने की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फायर ब्रिगेड बुझाएंगे पराली में लगी आग
मुख्य सचिव ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को अपने-अपने जिलों में पराली में लगी आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड के इस्तेमाल का आदेश दिया। गुरदासपुर जिला प्रशासन की ऐसी पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी पराली को आग लगाने की घटना सामने आती है, तुरंत फायर ब्रिगेड भेजकर आग को बुझाया जाए और आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाए।