पंजाब में शनिवार को कोरोना संक्रमण से 24 घंटे में 201 मौत के मामले आए हैं। जबकि 381 की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पतालों में भर्ती 7280 संक्रमितों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। वहीं 5421 संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। पंजाब के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में अब तक 8636245 लोगों के नमूने लिए जा चुके हैं, जिनमें 533973 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है।
अच्छी बात यह है कि 459681 संक्रमित स्वास्थ्य लाभ लेकर ठीक हो चुके हैं। सक्रिय मामलों की संख्या 61203 पहुंच चुकी है। 7280 संक्रमितों को सांस लेने में परेशानी होने पर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। पंजाब में अब तक कोरोना से 13089 लोगों की मौत हो चुकी है।
शनिवार को हुई 201 मौतों में अमृतसर में 19, बरनाला में 4, बठिंडा में 20, फरीदकोट में 9, फतेहगढ़ साहिब में 4, फाजिल्का में 12, फिरोजपुर में 9, गुरदासपुर में 2, होशियारपुर में 6, जालंधर में 9, लुधियाना में 17, कपूरथला में 2, मानसा में 5, मोगा में 5, मोहाली में 16, मुक्तसर में 12, पठानकोट में 8, पटियाला में 20, रोपड़ में 4, संगरूर में 9, एसबीएस नगर में 4 और तरनतारन में 5 शामिल हैं।
मैंने नहीं कहा, पंजाब के गांवों में कोरोना किसानों से फैला : बाजवा
उधर, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा ने शनिवार को एक स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि पंजाब के गांवों में कोरोना का प्रकोप दिल्ली बार्डर पर धरना दे रहे किसानों के कारण फैला है। एक बयान में बाजवा ने कहा कि देश में कोरोना महामारी बढ़ने के और कारण हैं, जिनमें से एक प्रमुख कारण विशेषज्ञों की तरफ से कोरोना की दूसरी लहर की भविष्यवाणी के बावजूद केंद्र सरकार द्वारा उचित प्रबंध न करना है।
बाजवा ने कहा कि वह पूरी तरह से किसान संघर्ष के हिमायती हैं और एहसास है कि किसान आंदोलन को अधर में नहीं छोड़ा जा सकता। उन्होंने कभी भी यह नहीं कहा कि पंजाब के गांवों में कोरोना किसानी संघर्ष के कारण बढ़ रहा है। पंचायत मंत्री ने कहा कि उन्होंने सिर्फ सलाह दी थी कि अपने और अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए धरने से वापस आ रहे किसान अगर गांवों में आते समय टेस्ट करा लें तो इसमें सबकी ही भलाई है। उन्हें अफसोस है कि मीडिया के एक हिस्से ने इस मामले को गलत रंगत देकर सनसनी पैदा की।