चंडीगढ़। सेक्टर-31 थाने में दर्ज नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने व दुष्कर्म करने के मामले में सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर कोर्ट ने मामले में दोषी सत्यम को 20 साल कैद, जबकि उसके साथ दूसरे साथी शीशल जैसवाल कुमार उर्फ अंकुश को एक साल की सजा सुनाई है। दोनों दोषियों को सजा के बाद न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया गया।
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सेक्टर-31 थाने में एक महिला उसकी नाबालिग बेटी के घर से गायब होने की शिकायत लेकर पहुंची थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। नाबालिग पीड़िता को बरामद कर लिया था। उसे बहला-फुसलाकर ले जाने वाले एक युवक को भी गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में पुलिस ने बयानों के आधार पर युवक के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा भी जोड़ दी थी। उसकी मदद करने वाले आरोपी युवक के एक अन्य दोस्त को भी इस मामले में 120-बी के तहत गिरफ्तार किया था। हालांकि आरोपियों को बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी लेकिन बीती 20 मार्च को दोनों आरोपी दोस्तों को दोषी करार दे दिया था। सोमवार को हुई सुनवाई में दोनों को सजा सुनाई गई।